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पुलिस के लिए चुनौती बनी डकैती
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:36 PM IST
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डकैती के बाद घर में बिखरा पड़ा सामान
- फोटो : amar ujala beuro
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रुरुगंज चौकी के तहत पंडपुर गंाव में पड़ी डकैती से गांव में सनसनी है। डकैती की घटना की खबर जिसने भी सुनी खौफजदा नजर आया। वहीं ग्रामीणों का मानना है कि रात में पुलिस की ओर से गश्त न किए जाने के कारण ही इस घटना हुई।
अपराधों का बढ़ता ग्राफ पुलिस के लिए सरदर्द बन गया है। जिले के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पंडपुर गांव निवासी अशोक पोरवाल के घर हुई डकैती से पूरा गांव दहशत में है। लोग अपने घरों से निकलने से भयभीत दिखाई दिए। शुक्रवार की रात हुई डकैती की घटना के बाद सीएचसी बिधूना से अशोक पोरवाल को रेफर कर दिया गया है। जबकि प्रत्यक्षदर्शी अशोक पोरवाल की पत्नी हेमलता ने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए करीब सात बदमाश आए थे।
वह चेहरे पर नकाब और हाथों में दस्ताने और जींस का पैंट पहने थे। लुटेरे पूरी तैयारी के साथ आए थे। छह डकैत घर के अंदर लूटपाट कर रहे थे। जबकि एक डकैत दरवाजे पर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था। लूटपाट के दौरान डकैत अपनी डबल बैरल बंदूक भी छोड़कर मौके से भाग निकले। हेमलता ने बताया कि बेटा और बेटी अमेरिका में बसने के लिए कई बार कह चुके हैं। लेकिन घर का मोह छोड़ा नहीं जा रहा है।
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कोडवर्ड में बात कर रहे थे डकैत
हेमलता ने पुलिस को बताया कि बदमाश कोड वर्ड में बात कर रहे थे। अपने साथी को दादा-दादा कहकर बुला रहे थे। दो डकैत इशारे से एक दूसरे को अपनी बात समझा रहे थे। ऐसा लगता है डकैतों को डर था कि कहीं उनकी आवाज पहचान न ली जाए। उन्होंने बताया कि वारदात को अंजाम देने आए डकैत पूरी तैयारी से आए थे। डकैत पहचान से बचने के लिए मुंह को नकाब और फिंगरप्रिंट से बचने के लिए हाथ में दस्ताने पहने थे।
पुलिस के लिए अहम सुराग हैं बंदूक
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंडपुर में डकैती की घटना के दौरान घटनास्थल पर डबल बैरल भूलना पुलिस के लिए बड़ा सुबूत है। डबल बैरल किस व्यक्ति के नाम पर है। इसकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस बरामद डबल बैरल के जरिए बदमाशों तक पहुंच सकती है। वहीं इस मामले में सर्विलांस टीम अहम भूमिका निभाएगी। सर्विलांस टीम पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। वहीं पुलिस के उच्चाधिकारी जल्द ही घटना का खुलासा किए जाने का दावा कर रहे हैं।
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अपराधों का बढ़ता ग्राफ पुलिस के लिए सरदर्द बन गया है। जिले के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पंडपुर गांव निवासी अशोक पोरवाल के घर हुई डकैती से पूरा गांव दहशत में है। लोग अपने घरों से निकलने से भयभीत दिखाई दिए। शुक्रवार की रात हुई डकैती की घटना के बाद सीएचसी बिधूना से अशोक पोरवाल को रेफर कर दिया गया है। जबकि प्रत्यक्षदर्शी अशोक पोरवाल की पत्नी हेमलता ने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए करीब सात बदमाश आए थे।
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वह चेहरे पर नकाब और हाथों में दस्ताने और जींस का पैंट पहने थे। लुटेरे पूरी तैयारी के साथ आए थे। छह डकैत घर के अंदर लूटपाट कर रहे थे। जबकि एक डकैत दरवाजे पर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था। लूटपाट के दौरान डकैत अपनी डबल बैरल बंदूक भी छोड़कर मौके से भाग निकले। हेमलता ने बताया कि बेटा और बेटी अमेरिका में बसने के लिए कई बार कह चुके हैं। लेकिन घर का मोह छोड़ा नहीं जा रहा है।
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कोडवर्ड में बात कर रहे थे डकैत
हेमलता ने पुलिस को बताया कि बदमाश कोड वर्ड में बात कर रहे थे। अपने साथी को दादा-दादा कहकर बुला रहे थे। दो डकैत इशारे से एक दूसरे को अपनी बात समझा रहे थे। ऐसा लगता है डकैतों को डर था कि कहीं उनकी आवाज पहचान न ली जाए। उन्होंने बताया कि वारदात को अंजाम देने आए डकैत पूरी तैयारी से आए थे। डकैत पहचान से बचने के लिए मुंह को नकाब और फिंगरप्रिंट से बचने के लिए हाथ में दस्ताने पहने थे।
पुलिस के लिए अहम सुराग हैं बंदूक
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंडपुर में डकैती की घटना के दौरान घटनास्थल पर डबल बैरल भूलना पुलिस के लिए बड़ा सुबूत है। डबल बैरल किस व्यक्ति के नाम पर है। इसकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस बरामद डबल बैरल के जरिए बदमाशों तक पहुंच सकती है। वहीं इस मामले में सर्विलांस टीम अहम भूमिका निभाएगी। सर्विलांस टीम पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। वहीं पुलिस के उच्चाधिकारी जल्द ही घटना का खुलासा किए जाने का दावा कर रहे हैं।