{"_id":"57570e434f1c1b761f9c5f91","slug":"merchant-credit-was-disappearing-under-the-pressure","type":"story","status":"publish","title_hn":"उधारी के दबाव में गायब हुआ था व्यापारी ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
उधारी के दबाव में गायब हुआ था व्यापारी
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Tue, 07 Jun 2016 11:41 PM IST
विज्ञापन
अपहरण
- फोटो : Getty
दो दिन पहले लापता लहसुन व्यापारी सोमवार रात अपने गांव लौट आया। व्यापारी ने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर आने की बात कही। उसने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसे जंगल में रखा गया था। इसी बीच पुलिस ने उसके मोबाइल की सर्विलांस रिपोर्ट मंगाई तो उसमें उसकी लोकेशन कानपुर कलक्टरगंज की मिली। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो व्यापारी ने सच कबूल दिया। बताया कि उधारी का रुपया देने के दबाव के कारण वह गायब हुआ था।
गांव कछपुरा निवासी लहसुन व्यापारी जय सिंह मंडी समिति में लहसुन बेंचकर सवा लाख रुपया के साथ रविवार को लापता हो गया। व्यापारी के भाई जयनरायन ने कुछ लोगों के खिलाफ तहरीर देकर अपहरण का आरोप लगाया था। पुलिस ने पांचों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। लेकिन उसका पता नहीं चला। पुलिस की जांच चल ही रही थी कि सोमवार रात व्यापारी अपने गांव आ गया। उसने बताया कि वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग कर आ रहा है। पुलिस ने व्यापारी से पूछताछ की।
अपहरणकर्ताओं ने उसे कहां रखा तो व्यापारी ने बताया कि उसे जंगल में रखा था। इसी बीच सर्विलांस सेल से मोबाइल लोकेशन की सीडीआर आ गई। जिसमें व्यापारी की उस दिन की लोकेशन कानपुर कलक्टरगंज में दिखाई दी। उसके बाद सोमवार को दिन में इटावा होते हुए गांव। सर्विलांस रिपोर्ट से पुलिस को व्यापारी की कहानी में पेंच दिखा तो उसने कड़ाई से पूछा। वैसे ही व्यापारी ने सच कबूल कर लिया। व्यापारी ने बताया कि उसके ऊपर उधारी रुपया है। कई लोग उससे अपना रुपया मांग रहे थे जिसके कारण वह फरार हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव कछपुरा निवासी लहसुन व्यापारी जय सिंह मंडी समिति में लहसुन बेंचकर सवा लाख रुपया के साथ रविवार को लापता हो गया। व्यापारी के भाई जयनरायन ने कुछ लोगों के खिलाफ तहरीर देकर अपहरण का आरोप लगाया था। पुलिस ने पांचों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। लेकिन उसका पता नहीं चला। पुलिस की जांच चल ही रही थी कि सोमवार रात व्यापारी अपने गांव आ गया। उसने बताया कि वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग कर आ रहा है। पुलिस ने व्यापारी से पूछताछ की।
विज्ञापन
अपहरणकर्ताओं ने उसे कहां रखा तो व्यापारी ने बताया कि उसे जंगल में रखा था। इसी बीच सर्विलांस सेल से मोबाइल लोकेशन की सीडीआर आ गई। जिसमें व्यापारी की उस दिन की लोकेशन कानपुर कलक्टरगंज में दिखाई दी। उसके बाद सोमवार को दिन में इटावा होते हुए गांव। सर्विलांस रिपोर्ट से पुलिस को व्यापारी की कहानी में पेंच दिखा तो उसने कड़ाई से पूछा। वैसे ही व्यापारी ने सच कबूल कर लिया। व्यापारी ने बताया कि उसके ऊपर उधारी रुपया है। कई लोग उससे अपना रुपया मांग रहे थे जिसके कारण वह फरार हो गया था।
विज्ञापन