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पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास
auraiya,amar ujala beauro
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:28 PM IST
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muslim in jail
- फोटो : muslim in jail
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक राम अवतार यादव ने दिबियापुर क्षेत्र के ग्राम लुखरपुरा में पत्नी की हत्या में युवक को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अभियोजन के अनुसार वादी कामता प्रसाद यादव ने दिबियापुर थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी बहन अनीता देवी की शादी जय प्रकाश पुत्र सुदामा निवासी लुखरपुरा के साथ वर्ष 2012 में हुई थी। दहेज की मांग को लेकर अनीता के पति, जेठ चंद्र प्रकाश, जिठानी सिया देवी, जेठ आदेश व कल्लू, जेठ का लड़का दीपू असंतुष्ट थे।
दिनांक 17 मई 2014 को उसकी बहन की हत्या उसके ससुरालीजनों ने कर दी। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने विवेचना कर पति जय प्रकाश, उसके भाई आदेश, चंद्र प्रकाश, जिठानी सिया देवी के खिलाफ हत्या व दहेज अधिनियम में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। यह मुकदमा एडीजे राम अवतार की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रमोद यादव व बचाव पत्र की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय केवल पति जय प्रकाश को पत्नी की हत्या का दोषी माना। साथ ही चंद्र प्रकाश व सिया देवी को दोषमुक्त कर दिया।
अभियुक्त जय प्रकाश को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा से दंड़ित किया। पेशगार बड़ेलाल शर्मा व सत्र लिपिक विजय गुप्ता के अनुसार अर्थदंड अदा न करने पर जय प्रकाश को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। साथ ही जेल में बिताई अवधि इस सजा में समायोजित की जाएगी।
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दिनांक 17 मई 2014 को उसकी बहन की हत्या उसके ससुरालीजनों ने कर दी। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने विवेचना कर पति जय प्रकाश, उसके भाई आदेश, चंद्र प्रकाश, जिठानी सिया देवी के खिलाफ हत्या व दहेज अधिनियम में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। यह मुकदमा एडीजे राम अवतार की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रमोद यादव व बचाव पत्र की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय केवल पति जय प्रकाश को पत्नी की हत्या का दोषी माना। साथ ही चंद्र प्रकाश व सिया देवी को दोषमुक्त कर दिया।
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अभियुक्त जय प्रकाश को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा से दंड़ित किया। पेशगार बड़ेलाल शर्मा व सत्र लिपिक विजय गुप्ता के अनुसार अर्थदंड अदा न करने पर जय प्रकाश को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। साथ ही जेल में बिताई अवधि इस सजा में समायोजित की जाएगी।
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