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3500 रुपये में बना देता था फर्जी रजिस्ट्रेशन
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sat, 25 Jun 2016 10:51 PM IST
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जानकारी देते एसपी एतुल शर्मा साथ में पुलिस बल के साथ आरोपी युवक
- फोटो : amar ujala beuro
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अर्न्तराज्यीय वाहन चोर गिरोह को फर्जी रजिस्ट्रेशन के कागज बनाने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार युवक ने बताया कि गैंग के लोग उसे एक वाहन के कागज बनाने के लिए 3500 रुपये देते थे।
22 जून को फफूंद पुलिस ने अन्तर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के एक दर्जन लोगों को एक दर्जन बाइक व दो कारों समेत पकड़ा था। इन लोगों ने आसपास जनपदों के अलावा दिल्ली व एनसीआर क्षेत्रों से वाहन चुराने की बात स्वीकार की थी। बदमाशों ने फर्जी कागज बनवाकर वाहन बेचने की बात कही थी। इस पर पुलिस ने फर्जी कागज बनाने वाले युवक को पकड़ने के लिए दबिश दी।
शुक्रवार रात फफूंद पुलिस के एसआई गणेश शंकर चौबे व मो. शाकिर ने दबिश देकर युवक को पकड़ लिया। पकड़े गए युवक ने अपना नाम सनोज कुमार उर्फ सोनू निवासी मानपुरा थाना चकरनगर इटावा बताया है। उसके पास से एक लैपटाप व तीन फर्जी रजिस्ट्रेशन के कागज बरामद हुए हैं। आरोपी सनोज ने बताया कि उसे प्रति रजिस्ट्रेशन के कागज पर 3500 रुपये मिलते थे। एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि यह प्रिंटर की सहायता से एडटिंग करके कलर कागज निकाल देता था।
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कहां से आता था आरसी का कागज
आरटीओ दफ्तर में जिस कागज पर आरसी (रजिस्ट्रेशन) तैयार होती है, वह कागज सरकारी होता है। वह अन्य कागजों से भिन्न होता है। जबकि बनाए गए फर्जी कागज में उसी तरह के कागज का प्रयोग हुआ है। सवाल है कि आखिर यह सरकारी कागज आरोपी के पास कहां से आता था। वहीं इस संबंध में एसपी अतुल शर्मा का कहना है कि वह इस बिंदु की भी जांच कराएंगे।
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22 जून को फफूंद पुलिस ने अन्तर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के एक दर्जन लोगों को एक दर्जन बाइक व दो कारों समेत पकड़ा था। इन लोगों ने आसपास जनपदों के अलावा दिल्ली व एनसीआर क्षेत्रों से वाहन चुराने की बात स्वीकार की थी। बदमाशों ने फर्जी कागज बनवाकर वाहन बेचने की बात कही थी। इस पर पुलिस ने फर्जी कागज बनाने वाले युवक को पकड़ने के लिए दबिश दी।
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शुक्रवार रात फफूंद पुलिस के एसआई गणेश शंकर चौबे व मो. शाकिर ने दबिश देकर युवक को पकड़ लिया। पकड़े गए युवक ने अपना नाम सनोज कुमार उर्फ सोनू निवासी मानपुरा थाना चकरनगर इटावा बताया है। उसके पास से एक लैपटाप व तीन फर्जी रजिस्ट्रेशन के कागज बरामद हुए हैं। आरोपी सनोज ने बताया कि उसे प्रति रजिस्ट्रेशन के कागज पर 3500 रुपये मिलते थे। एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि यह प्रिंटर की सहायता से एडटिंग करके कलर कागज निकाल देता था।
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कहां से आता था आरसी का कागज
आरटीओ दफ्तर में जिस कागज पर आरसी (रजिस्ट्रेशन) तैयार होती है, वह कागज सरकारी होता है। वह अन्य कागजों से भिन्न होता है। जबकि बनाए गए फर्जी कागज में उसी तरह के कागज का प्रयोग हुआ है। सवाल है कि आखिर यह सरकारी कागज आरोपी के पास कहां से आता था। वहीं इस संबंध में एसपी अतुल शर्मा का कहना है कि वह इस बिंदु की भी जांच कराएंगे।