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इटावा एसओजी ने तीन युवकों को उठाया
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अजीतमल (औरैया)। इटावा की एसओजी टीम ने बुधवार देर रात तीन अलग-अलग गांवों में छापेमारी की। तीन युवकों को अपने साथ ले गई। इनमें से चकसत्तापुर निवासी युवक के परिजनों ने एसओजी टीम पर मारपीट और अलमारी तोड़कर जेवर लूटने का आरोप लगाया है। गुरुवार को सुबह ट्रैक्टर से कोतवाली पहुंचे ग्रामीणों ने हंगामा काटा और तहरीर भी दी।
बुधवार की देर रात इटावा से आई एसओजी टीम ने किसी मामले में पूछताछ के लिए चिटकापुर निवासी रवि पुत्र दुलारे और दुर्वासपुर निवासी दीपेंद्र पुत्र महावीर को उठा लिया। इसके बाद एसओजी टीम चकसत्तापुर गांव पहुंची और राम महेश, उदय प्रताप और गया प्रसाद को उठाया। आरोप है कि इनके साथ मारपीट करते हुए नारायण सिंह का घर पूछा तो उदय प्रताप एसओजी टीम को नारायण सिंह के घर ले गया। यहां से उठाए गए युवक नीरज के परिजनों का आरोप है कि एसओजी टीम ने नारायण सिंह की पत्नी सावित्री की पिटाई की और पुत्र नीरज के बारे में पूछा।
नीरज घर पर ही था। टीम ने नीरज को पकड़ने के बाद घर में रखी अलमारी की चाबी मांगी तो सावित्री ने चाबी देने से इनकार कर दिया। इस पर एसओजी टीम ने सावित्री की पिटाई की। सावित्री ने चाबी सौंप दी। आरोप लगाया कि इस पर टीम अलमारी में रखे जेवरात जंजीर, पायल, हाफ करघनी, फुल करधनी, बृजबाला, हार, दो अंगूठी, एक जोड़ी तोड़िया, एक मटर माला आदि जेवर साथ ले गई। एसओजी की पिटाई से सावित्री के कान में चोट आई, जिनका इलाज सीएचसी अजीतमल में कराया गया। इस कार्रवाई से क्षुब्ध ग्रामवासी गुरुवार को सुबह ट्रैक्टर से अजीतमल कोतवाली पहुंचे और घटना से अवगत कराया। नारायण सिंह पुत्र तुलाराम निवासी चकसत्तापुर ने कोतवाली में तहरीर देते हुए मारपीट कर सेफ की चाबी मांगने और चाबी से लॉकर न खुलने पर ईंट मारकर लॉकर खोलकर जेवरात ले जाने की लिखित तहरीर दी है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी बलिराज शाही ने बताया कि इटावा से आई एसओजी टीम ने किसी मामले में पूछताछ के लिए तीन युवकों को उठाया है। लूटपाट की कोई घटना नहीं हुई है।
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-परिजनों ने एसओजी पर लगाया मारपीट और लूट का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
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बुधवार की देर रात इटावा से आई एसओजी टीम ने किसी मामले में पूछताछ के लिए चिटकापुर निवासी रवि पुत्र दुलारे और दुर्वासपुर निवासी दीपेंद्र पुत्र महावीर को उठा लिया। इसके बाद एसओजी टीम चकसत्तापुर गांव पहुंची और राम महेश, उदय प्रताप और गया प्रसाद को उठाया। आरोप है कि इनके साथ मारपीट करते हुए नारायण सिंह का घर पूछा तो उदय प्रताप एसओजी टीम को नारायण सिंह के घर ले गया। यहां से उठाए गए युवक नीरज के परिजनों का आरोप है कि एसओजी टीम ने नारायण सिंह की पत्नी सावित्री की पिटाई की और पुत्र नीरज के बारे में पूछा।
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नीरज घर पर ही था। टीम ने नीरज को पकड़ने के बाद घर में रखी अलमारी की चाबी मांगी तो सावित्री ने चाबी देने से इनकार कर दिया। इस पर एसओजी टीम ने सावित्री की पिटाई की। सावित्री ने चाबी सौंप दी। आरोप लगाया कि इस पर टीम अलमारी में रखे जेवरात जंजीर, पायल, हाफ करघनी, फुल करधनी, बृजबाला, हार, दो अंगूठी, एक जोड़ी तोड़िया, एक मटर माला आदि जेवर साथ ले गई। एसओजी की पिटाई से सावित्री के कान में चोट आई, जिनका इलाज सीएचसी अजीतमल में कराया गया। इस कार्रवाई से क्षुब्ध ग्रामवासी गुरुवार को सुबह ट्रैक्टर से अजीतमल कोतवाली पहुंचे और घटना से अवगत कराया। नारायण सिंह पुत्र तुलाराम निवासी चकसत्तापुर ने कोतवाली में तहरीर देते हुए मारपीट कर सेफ की चाबी मांगने और चाबी से लॉकर न खुलने पर ईंट मारकर लॉकर खोलकर जेवरात ले जाने की लिखित तहरीर दी है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी बलिराज शाही ने बताया कि इटावा से आई एसओजी टीम ने किसी मामले में पूछताछ के लिए तीन युवकों को उठाया है। लूटपाट की कोई घटना नहीं हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो