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दहेज हत्या में पति, ससुर व सास को दस वर्ष की कैद

Tue, 14 May 2019 12:19 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2019 12:19 AM IST
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दहेज हत्या में पति, ससुर व सास को दस वर्ष की कैद
औरैया। थाना दिबियापुर के एक मामले में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने दहेज हत्या में पति व सास-ससुर को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। प्रति व्यक्ति एक लाख साठ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। आरोपी बनाए गए चार परिजनों को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में नवविवाहिता का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था और शादी को महज चार महीने ही हुए थे।
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डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि 30 जून 2014 को ग्राम सेंगनपुट्ठा थाना अजीतमल निवासी रामजीवन दास ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने पुत्री प्रतीक्षा की शादी तीन मार्च 2014 को विपिन कुमार पुत्र सुरेश चंद्र निवासी शांतिनगर दिबियापुर से की थी। ससुरालीजन दहेज के लिए प्रतीक्षा को प्रताड़ित करते थे। 28 जून को सूचना मिली कि ससुरालीजनों ने प्रतीक्षा की हत्या कर शव रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर फेंक दिया गया है। इस पर वह और परिवार वाले प्रतीक्षा की ससुराल पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। रेलवे स्टेशन के पास प्रतीक्षा की लाश मिली थी। उसने आरोप लगाया था कि ससुरालवालों ने दहेज की लालच में प्रतीक्षा की हत्या कर दी है।
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पुलिस ने पति, ससुर और सास रेखा के विरुद्ध दहेज हत्या के मामले में चार्जशीट प्रस्तुत की। विचारण के दौरान दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत सुरेश चंद्र की तीन पुत्रियों पिंकी, खुशबू, पूजा व देवर सौरभ उर्फ नितिन कुमार को भी आरोपी बनाकर तलब किया गया। यह मुकदमा जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा, रमेश चंद्र मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता ह्रदय नारायण पांडेय व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने पति विपिन कुमार, ससुर सुरेश चंद्र व सास रेखा देवी को दहेज हत्या का दोषी माना तथा तीनों को दस-दस वर्ष कठोर कारावास एक लाख साठ हजार रुपये प्रति व्यक्ति अर्थदंड दिया। सौरभ, पूजा, पिंकी व खुशबू को दोषमुक्त कर दिया गया। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि अर्थदंड की राशि में से 80 फीसदी राशि बतौर हर्जा मृतका के पिता को देय होगी। अर्थदंड की राशि राजस्व के बकाया की भांति वसूली जाएगी। तीनों दोषियों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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