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गैर प्रांतो से आ रही शराब की खपत हो रही औरैया में
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। जिले में इन दिनों अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। दूसरे प्रांतों की अंग्रेजी शराब की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। सदूर ग्रामीण ही नहीं बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी कच्ची शराब का भी कारोबार चरम पर है। जिससे आबकारी विभाग को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।
शहर में अवैध शराब की बड़ी-बड़ी खेपें दूसरे राज्यों से आती हैं। शहर में तीन महीने में तस्करी की अंग्रेजी शराब की एक बड़ी खेप आती है। इसका भंडारण मिहौली के पास व शहर कोतवाली से महज कुछ ही दूरी पर किया जाता है। दूसरे जनपदों में यहीं से छोटी-छोटी खेप में इसे भेजा जाता है। शराब के अवैध कारोबार में बेरोजगार युवाओं को भी शराब तस्कर शामिल कर रहे हैं। शराब तस्करों की स्थानीय पुलिस से साठगांठ है। जिस कारण शराब तस्कर मालामाल हो रहे हैं। शहर की पछैया बस्ती में कच्ची शराब का कारोबार भी खुलेआम होता है।
डीएम आवास के ठीक सामने पछैया बस्ती में कच्ची शराब का कारोबार वर्षों से फल-फूल रहा है। इसे रोकना पुलिस के लिए मुसीबत बन गया हैं। यहां कच्ची शराब के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस ने कि 15-15 दिनों में छापेमारी की। इसके बावजूद कच्ची शराब बिक्री को रोकना मुमकिन नहीं हुआ। अवैध शराब कारोबार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक यहां से पुलिस को प्रत्येक माह अच्छी खासी रकम सुविधा शुल्क के तौर पर जाती है। जिससे जब भी पुलिस कभी छापेमारी करने जाती है तो 15 मिनट पहले ही इसकी सूचना बस्ती पहुंच जाती है । जिले में अवैध शराब के कारोबार में महिलाएं भी शामिल है। दूसरे राज्यों से आने वाली शराब तस्करी में भी महिलाएं भी शामिल रहती है। पछैया बस्ती में अवैध शराब का कारोबार भी पूरी तरह से महिलाओं की बदौलत फल फूल रहा है। यहां कच्ची शराब बनाने, पिलाने और बेचने काम काम महिलाएं ही करतीं है। आबकारी अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पछैया बस्ती में रहने वाले लोगों को जबतक कल्याणकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। तब तक कच्ची शराब को पूरी तरह रोकपाना संभव नहीं हैं। हालांकि वहां दबिशें दी जाती हैं और कच्ची शराब की बिक्री व बनाने से रोकने का प्रयास जारी है। जिले में फिलहाल अन्य राज्यों की शराब की बिक्री की जानकारी नहीं हैं। यदि ऐसा कहीं होता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- चोरी छिपे आ रही दूसरे राज्यों की शराब
- शहरी क्षेत्र में कच्ची शराब की भी खुलेआम बिक्री
औरैया। जिले में इन दिनों अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। दूसरे प्रांतों की अंग्रेजी शराब की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। सदूर ग्रामीण ही नहीं बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी कच्ची शराब का भी कारोबार चरम पर है। जिससे आबकारी विभाग को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।
शहर में अवैध शराब की बड़ी-बड़ी खेपें दूसरे राज्यों से आती हैं। शहर में तीन महीने में तस्करी की अंग्रेजी शराब की एक बड़ी खेप आती है। इसका भंडारण मिहौली के पास व शहर कोतवाली से महज कुछ ही दूरी पर किया जाता है। दूसरे जनपदों में यहीं से छोटी-छोटी खेप में इसे भेजा जाता है। शराब के अवैध कारोबार में बेरोजगार युवाओं को भी शराब तस्कर शामिल कर रहे हैं। शराब तस्करों की स्थानीय पुलिस से साठगांठ है। जिस कारण शराब तस्कर मालामाल हो रहे हैं। शहर की पछैया बस्ती में कच्ची शराब का कारोबार भी खुलेआम होता है।
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डीएम आवास के ठीक सामने पछैया बस्ती में कच्ची शराब का कारोबार वर्षों से फल-फूल रहा है। इसे रोकना पुलिस के लिए मुसीबत बन गया हैं। यहां कच्ची शराब के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस ने कि 15-15 दिनों में छापेमारी की। इसके बावजूद कच्ची शराब बिक्री को रोकना मुमकिन नहीं हुआ। अवैध शराब कारोबार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक यहां से पुलिस को प्रत्येक माह अच्छी खासी रकम सुविधा शुल्क के तौर पर जाती है। जिससे जब भी पुलिस कभी छापेमारी करने जाती है तो 15 मिनट पहले ही इसकी सूचना बस्ती पहुंच जाती है । जिले में अवैध शराब के कारोबार में महिलाएं भी शामिल है। दूसरे राज्यों से आने वाली शराब तस्करी में भी महिलाएं भी शामिल रहती है। पछैया बस्ती में अवैध शराब का कारोबार भी पूरी तरह से महिलाओं की बदौलत फल फूल रहा है। यहां कच्ची शराब बनाने, पिलाने और बेचने काम काम महिलाएं ही करतीं है। आबकारी अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पछैया बस्ती में रहने वाले लोगों को जबतक कल्याणकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। तब तक कच्ची शराब को पूरी तरह रोकपाना संभव नहीं हैं। हालांकि वहां दबिशें दी जाती हैं और कच्ची शराब की बिक्री व बनाने से रोकने का प्रयास जारी है। जिले में फिलहाल अन्य राज्यों की शराब की बिक्री की जानकारी नहीं हैं। यदि ऐसा कहीं होता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- चोरी छिपे आ रही दूसरे राज्यों की शराब
- शहरी क्षेत्र में कच्ची शराब की भी खुलेआम बिक्री