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जननी सुरक्षा का पैसा लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की बात कहकर खाते से उड़ाए 17477 रुपए
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अजीतमल (औरैया)। स्वास्थ्य कर्मी बनकर साइबर ठगों ने लाभार्थी को फोन कर पैसा ट्रांसफ र करने के लिए बैंक खाता की जानकारी प्राप्त कर खाते से रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने पुलिस से मामले की शिकायत की है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गिरधारीपुर निवासी आदित्य कुमार पुत्र उमाशंकर ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी पत्नी संगीता देवी को स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल के माध्यम से जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी के रूप में छह हजार रुपये दिया जाना है।
दो माह बाद सोमवार की शाम उसके मोबाइल नंबर 7367913206 से फोन आया। बात करने वाले व्यक्ति ने अपने आप को लखनऊ के अस्पताल मुख्यालय से बोलने की जानकारी दी। फोन पर बात करने वाले युवक ने संगीता देवी को मिलने वाली जननी सुरक्षा सहायता राशि से संबंधित पूरी जानकारी दी और खाते में पैसा ट्रांसफर करने की बात कहते हुए बताया कि तुम्हारे खाते में 1000 रुपए से कम बैलेंस है। कोई दूसरा खाता नंबर दो तो संगीता के पति आदित्य ने अपने चचेरे भाई पूरन सिंह का खाता नंबर बता दिया।
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कुछ ही देर में पूरन सिंह के मोबाइल पर एक मैसेज आया। जिसमें ओटीपी नंबर दर्शाया गया था। साइबर ठगों ने ओटीपी नंबर पूछकर उसके सेंट्रल बैंक खाते से 15 हजार उड़ा दिए। इसके बाद बात करने वाले व्यक्ति ने दोबारा फोन किया कि और बताया कि कोई दूसरा खाता नंबर दें। इसमें पैसा ट्रांसफ र नहीं हो रहा है तो पूरन सिंह ने अपना दूसरा यूनियन बैंक का खाता नंबर दे दिया। ओटीपी आने पर पूरन सिंह ने उसे बता दिया और उसके खाते से दो हजार तथा तीसरी बार ओटीपी नंबर पूछकर रुपये 466 निकाल लिए। पीड़ित ने कोतवाली पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गिरधारीपुर निवासी आदित्य कुमार पुत्र उमाशंकर ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी पत्नी संगीता देवी को स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल के माध्यम से जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी के रूप में छह हजार रुपये दिया जाना है।
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दो माह बाद सोमवार की शाम उसके मोबाइल नंबर 7367913206 से फोन आया। बात करने वाले व्यक्ति ने अपने आप को लखनऊ के अस्पताल मुख्यालय से बोलने की जानकारी दी। फोन पर बात करने वाले युवक ने संगीता देवी को मिलने वाली जननी सुरक्षा सहायता राशि से संबंधित पूरी जानकारी दी और खाते में पैसा ट्रांसफर करने की बात कहते हुए बताया कि तुम्हारे खाते में 1000 रुपए से कम बैलेंस है। कोई दूसरा खाता नंबर दो तो संगीता के पति आदित्य ने अपने चचेरे भाई पूरन सिंह का खाता नंबर बता दिया।
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कुछ ही देर में पूरन सिंह के मोबाइल पर एक मैसेज आया। जिसमें ओटीपी नंबर दर्शाया गया था। साइबर ठगों ने ओटीपी नंबर पूछकर उसके सेंट्रल बैंक खाते से 15 हजार उड़ा दिए। इसके बाद बात करने वाले व्यक्ति ने दोबारा फोन किया कि और बताया कि कोई दूसरा खाता नंबर दें। इसमें पैसा ट्रांसफ र नहीं हो रहा है तो पूरन सिंह ने अपना दूसरा यूनियन बैंक का खाता नंबर दे दिया। ओटीपी आने पर पूरन सिंह ने उसे बता दिया और उसके खाते से दो हजार तथा तीसरी बार ओटीपी नंबर पूछकर रुपये 466 निकाल लिए। पीड़ित ने कोतवाली पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।