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Auraiya News: अवैध अस्पतालों पर कसा शिकंजा, सरकारी अस्पतालों में बढ़ी ओपीडी
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया/ बिधूना।
जिले में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले झोलाछापों व मानक विहीन अस्पतालों पर शिकंजा कसे जाने के बाद सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों में मरीजों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग के रहमोकरम पर इलाज के नाम पर मौत का खेल खेल रहे झोलाछापों व अवैध अस्पताल में उपचार करवाने के दौरान 20 दिनों के अंदर सात लोगों ने अपनी जान गवां दी। परिजनों की ओर से मौत को लेकर उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए गए थे। मामले को संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने तहसील स्तर पर एसडीएम की अगुआई में टीमें गठित कर क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी करवाई।
टीम ने 10 मानक विहीन अस्पतालों को सीज करने के साथ करीब 20 संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के चलते स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पताल की ओपीडी बढ़नी शुरू हुई है। सोमवार को शहाब्दा पीएचसी पर फार्मासिस्ट नीरज कुमार त्रिपाठी ने 80 मरीजों को देखा। जिसमें अधिकांश मरीज वायरल बुखार, त्वचा व पेट संबंधी बीमारियों के रहे।
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सीएचसी बिधूना की ओपीडी में 320 पर्चे बने। इमरजेंसी में मरीज देख रहे डॉ. विकास मिश्रा ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से लोग वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जरा सी लापरवाही होने पर लोग वायरल की चपेट में आ सकते हैं। लोगों को रात में खुले में सोने व ठंडा पानी पीने से परहेज करना चाहिए।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिचल पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय में ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। अस्पताल में वायरल व अन्य रोगों से संबंधी दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वहीं 100 शैया अस्पताल में सोमवार को 600 से अधिक की ओपीडी रही। यहां पर भी वायरल के साथ सामान्य बीमारियों के मरीज इलाज कराने पहुंचे।
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औरैया/ बिधूना।
जिले में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले झोलाछापों व मानक विहीन अस्पतालों पर शिकंजा कसे जाने के बाद सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों में मरीजों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग के रहमोकरम पर इलाज के नाम पर मौत का खेल खेल रहे झोलाछापों व अवैध अस्पताल में उपचार करवाने के दौरान 20 दिनों के अंदर सात लोगों ने अपनी जान गवां दी। परिजनों की ओर से मौत को लेकर उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए गए थे। मामले को संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने तहसील स्तर पर एसडीएम की अगुआई में टीमें गठित कर क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी करवाई।
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टीम ने 10 मानक विहीन अस्पतालों को सीज करने के साथ करीब 20 संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के चलते स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पताल की ओपीडी बढ़नी शुरू हुई है। सोमवार को शहाब्दा पीएचसी पर फार्मासिस्ट नीरज कुमार त्रिपाठी ने 80 मरीजों को देखा। जिसमें अधिकांश मरीज वायरल बुखार, त्वचा व पेट संबंधी बीमारियों के रहे।
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सीएचसी बिधूना की ओपीडी में 320 पर्चे बने। इमरजेंसी में मरीज देख रहे डॉ. विकास मिश्रा ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से लोग वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जरा सी लापरवाही होने पर लोग वायरल की चपेट में आ सकते हैं। लोगों को रात में खुले में सोने व ठंडा पानी पीने से परहेज करना चाहिए।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिचल पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय में ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। अस्पताल में वायरल व अन्य रोगों से संबंधी दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वहीं 100 शैया अस्पताल में सोमवार को 600 से अधिक की ओपीडी रही। यहां पर भी वायरल के साथ सामान्य बीमारियों के मरीज इलाज कराने पहुंचे।