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करोड़ो खर्च होने के बाद भी बदहाल पड़ी गोशालाएं
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अयाना (औरैया)। डीएम लगातार जिम्मेदारों से गोशालाओं की व्यवस्था सुधारने को कह रहे हैं, लेकिन लाख कवायद के बाद भी चारे और पानी के अभाव में गोवंश बीमार और कमजोर हो रहे हैं। आएदिन गोशालाओं में गोवंश की मौत हो रही है। कुछ ऐसा ही हाल अयाना के शिखरना में बनी गोशाला का है। यहां डेढ़ माह से चारा, दाने के लिए पैसा न मिलने से गोवंश भूख प्यास से तड़प रहे हैं। बुधवार को गोवंश जमीन चाटते नजर आए। मामला संज्ञान में आने के बाद अफसर व्यवस्था सुधार की बात कह रहे हैं।
जिले में 42 गोशालाएं हैं। इनमें से दो स्थायी और 40 अस्थायी रूप से संचालित हो रही हैं। जनवरी 2018 से इन गोशालाओं के संचालन में लगभग आठ करोड़ रुपये खर्च हो चुका है। इसके बाद भी गोशालाओं की व्यवस्था बद्तर होती चली गई। बुधवार को अयाना की शिखरना गोशाला में गोवंश भूख प्यास से तड़पते मिले। नांद से भूसा नदारद था। पास के एक गड्ढे में गंदा पानी था। गांव के लोगों ने बताया कि सरकारी उपेक्षा के कारण यह हाल हो गया है।
प्रधान बोले
गोशाला की जिम्मेदारी संभाल रहे ग्राम प्रधान शिखराना संतराम ने बताया कि जब से वह प्रधान बने हैं, पैसा नहीं दिया गया। अपनी जेब से खर्च कर किसी तरह व्यवस्था कर रहे हैं। गोशाला में 300 गोवंश हैं। जिनकी देखरेख करने के लिए आठ लोगों की दिन में और रात में दो सेवादारों की तैनाती है। पंचायत सचिव से लेकर कई अधिकारियों को इस समस्या के बारे में अवगत कराया जा चुका है।
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जिले में 42 गोशालाएं हैं। इनमें से दो स्थायी और 40 अस्थायी रूप से संचालित हो रही हैं। जनवरी 2018 से इन गोशालाओं के संचालन में लगभग आठ करोड़ रुपये खर्च हो चुका है। इसके बाद भी गोशालाओं की व्यवस्था बद्तर होती चली गई। बुधवार को अयाना की शिखरना गोशाला में गोवंश भूख प्यास से तड़पते मिले। नांद से भूसा नदारद था। पास के एक गड्ढे में गंदा पानी था। गांव के लोगों ने बताया कि सरकारी उपेक्षा के कारण यह हाल हो गया है।
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प्रधान बोले
गोशाला की जिम्मेदारी संभाल रहे ग्राम प्रधान शिखराना संतराम ने बताया कि जब से वह प्रधान बने हैं, पैसा नहीं दिया गया। अपनी जेब से खर्च कर किसी तरह व्यवस्था कर रहे हैं। गोशाला में 300 गोवंश हैं। जिनकी देखरेख करने के लिए आठ लोगों की दिन में और रात में दो सेवादारों की तैनाती है। पंचायत सचिव से लेकर कई अधिकारियों को इस समस्या के बारे में अवगत कराया जा चुका है।
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