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गैंगस्टर के मामले में दांडिक मामला समाप्त किया
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औरैया। गैंगस्टर जैसे गंभीर मामलों में विधिक अनियमितताओं व साक्ष्यों की कमी पर विशेष न्यायाधीश (एडीजे) महेश चंद्र वर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अयाना थाना क्षेत्र के एक मामले में आपराधिक वाद समाप्त कर आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही पुलिस महानिदेशक से विधि का दुरुपयोग न करने के लिए अधीनस्थ से सावधानी बरतने का निर्देश जारी करने को लिखा है।
अभियोजन के अनुसार, अयाना थाने की पुलिस ने गैंगस्टर में जयकिशन उर्फ बबलू व अशोक बाबू को अभियुक्त बनाया। मामले की विवेचना कर रहे थानाध्यक्ष फफूंद राजेश कुमार सिंह ने 23 दिसंबर 2020 को दाखिल की गई चार्जशीट मेेेेेेें नगला चिंताई निवासी जय किशन उर्फ बबलू तथा मोहल्ला बनारसीदास औरैया निवासी अशोक को गिरोह बनाकर अपराध करने में लिप्त बताया। न्यायालय ने इस चार्जशीट का संज्ञान में लिया तो गैंग चार्ट बनाने में विधिक अनियमितताएं मिलीं। कोर्ट ने माना कि दोनों अभियुक्तों का गिरोह बंद अपराधी होना साबित नहीं होता।
इन कमियों को देखते हुए विशेष न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा ने लिखा कि केस डायरी के साथ संलग्न प्रपत्रों की विवेचना के बाद दोनों अभियुक्तों के खिलाफ प्रस्तुत आपराधिक वाद समाप्त किया जाता है। उन्होंने जेल में निरुद्ध अशोक बाबू को अविलंब रिहा करने का आदेश जेल अधीक्षक इटावा को दिया। दूसरा अभियुक्त जय किशन उर्फ बबलू जमानत पर है। इसलिए उसके बंधपत्र निष्क्रिय किए जाने को कहा।
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अभियोजन के अनुसार, अयाना थाने की पुलिस ने गैंगस्टर में जयकिशन उर्फ बबलू व अशोक बाबू को अभियुक्त बनाया। मामले की विवेचना कर रहे थानाध्यक्ष फफूंद राजेश कुमार सिंह ने 23 दिसंबर 2020 को दाखिल की गई चार्जशीट मेेेेेेें नगला चिंताई निवासी जय किशन उर्फ बबलू तथा मोहल्ला बनारसीदास औरैया निवासी अशोक को गिरोह बनाकर अपराध करने में लिप्त बताया। न्यायालय ने इस चार्जशीट का संज्ञान में लिया तो गैंग चार्ट बनाने में विधिक अनियमितताएं मिलीं। कोर्ट ने माना कि दोनों अभियुक्तों का गिरोह बंद अपराधी होना साबित नहीं होता।
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इन कमियों को देखते हुए विशेष न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा ने लिखा कि केस डायरी के साथ संलग्न प्रपत्रों की विवेचना के बाद दोनों अभियुक्तों के खिलाफ प्रस्तुत आपराधिक वाद समाप्त किया जाता है। उन्होंने जेल में निरुद्ध अशोक बाबू को अविलंब रिहा करने का आदेश जेल अधीक्षक इटावा को दिया। दूसरा अभियुक्त जय किशन उर्फ बबलू जमानत पर है। इसलिए उसके बंधपत्र निष्क्रिय किए जाने को कहा।
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