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Auraiya News: जालौन में कोरोना की दस्तक औरैया में जांच किट तक नहीं
Thu, 29 May 2025 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 29 May 2025 12:04 AM IST
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शहर स्थित जिला अस्पताल के परिसर में बना ऑक्सीजन प्लांट।
- फोटो : शहर स्थित जिला अस्पताल के परिसर में बना ऑक्सीजन प्लांट।
औरैया। पड़ोसी जिले जालौन में दो दिन पहले कोरोना ने दस्तक दे दी है। यहां कोरोना वायरस से ग्रस्त एक मरीज मिला है। इसके बाद भी जिले का स्वास्थ्य विभाग सतर्क नहीं है। यहां कोरोना की जांच के लिए जरूरी किटें तक नहीं हैं।
कोविड काल के दौरान जिले में जनप्रतिनिधियों की निधि से औरैया, चिचौली व दिबियापुर में ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया, लेकिन इनकी उपयोगिता साकार नहीं हो सकी थी।
यहां एक भी ऐसा ऑक्सीजन प्लांट नहीं है, जो कि अमल में लाया जा रहा हो। अधिकारियों की जांच में सभी प्लांट चालू हालत में पाए जाते हैं, लेकिन जिले में वर्तमान समय की बात करें तो कोरोना की जांच की सुविधा ही बंद है। यहां जांच किट ही उपलब्ध नहीं है।
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तीन साल पहले कोरोना कल के दौरान जो किटें बचीं थी, वो भी एक्सपायरी हो गई हैं। ऐसे में यदि जिले में कोई मरीज कोरोना से ग्रस्त होता है तो जांच मुश्किल होगी। उधर, फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेड व ऑक्सीजन सिलिंडरों की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। सीएचसी में भी वार्ड बने हैं।
फिर भी कोरोना के इस नए वेरिएंट को लेकर जिले का स्वास्थ्य महकमा शासन के निर्देश का इंतजार कर रहा है। यह स्थिति तब है, जब पड़ोसी जिले जालौन में एक केस दो दिन पहले ही सामने आया है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि जिले में फिलहाल कोरोना की जांच के लिए जरूरी किटों का अभाव है। ऐसे में संभावित मरीज की जांच नहीं हो पाएगी। अन्य सभी सुविधाएं पुख्ता हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग इस वेरिएंट को मौसमी खांसी-जुकाम तक ही सीमित रहने की बात कर रहे हैं।
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कोविड काल के दौरान जिले में जनप्रतिनिधियों की निधि से औरैया, चिचौली व दिबियापुर में ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया, लेकिन इनकी उपयोगिता साकार नहीं हो सकी थी।
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यहां एक भी ऐसा ऑक्सीजन प्लांट नहीं है, जो कि अमल में लाया जा रहा हो। अधिकारियों की जांच में सभी प्लांट चालू हालत में पाए जाते हैं, लेकिन जिले में वर्तमान समय की बात करें तो कोरोना की जांच की सुविधा ही बंद है। यहां जांच किट ही उपलब्ध नहीं है।
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तीन साल पहले कोरोना कल के दौरान जो किटें बचीं थी, वो भी एक्सपायरी हो गई हैं। ऐसे में यदि जिले में कोई मरीज कोरोना से ग्रस्त होता है तो जांच मुश्किल होगी। उधर, फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेड व ऑक्सीजन सिलिंडरों की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। सीएचसी में भी वार्ड बने हैं।
फिर भी कोरोना के इस नए वेरिएंट को लेकर जिले का स्वास्थ्य महकमा शासन के निर्देश का इंतजार कर रहा है। यह स्थिति तब है, जब पड़ोसी जिले जालौन में एक केस दो दिन पहले ही सामने आया है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि जिले में फिलहाल कोरोना की जांच के लिए जरूरी किटों का अभाव है। ऐसे में संभावित मरीज की जांच नहीं हो पाएगी। अन्य सभी सुविधाएं पुख्ता हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग इस वेरिएंट को मौसमी खांसी-जुकाम तक ही सीमित रहने की बात कर रहे हैं।