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ईवनिंग वॉक बनकर न रह जाए सीएम का फरमान
औरैया
Updated Tue, 28 Mar 2017 11:43 PM IST
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बाजार में गश्त करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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सीएम आदित्यनाथ योगी का फरमान है कि पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र में दो घंटे पैदल जरूर घूमें। यह फरमान आते ही सोमवार की शाम को जिले भर की थाना पुलिस अपने क्षेत्रों में पैदल निकल पड़ी। यह पैदल मार्च पुलिसकर्मियों के लिए ईवनिंग वॉक की तरह नजर आया। पैदल निकले पुलिसकर्मियों ने किसी से भी संवाद नहीं किया।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने आम जनता में पुलिस का भय दूर करने और आम आदमी तक पुलिस की पहुंच बनाने के उद्देश्य से पुलिसकमियों को अपने क्षेत्र में रोज दो घंटे पैदल घूमने का आदेश दिया है। इसका मकसद यह है कि पैदल घूमने के दौरान पुलिस जनता से संवाद करे।
उनकी दिक्कतें पूछे। सोमवार की शाम जिले भर की थाना पुलिस कस्बे में पैदल निकल पड़ी। लोगों को लगा कि पुलिस त्योहार के चलते गश्त कर रही है। पैदल चलने के दौरान पुलिस कर्मियों ने किसी भी व्यक्ति से बात नहीं की। न ही किसी से दिक्कत पूछी। गश्त खत्म कर पुलिसकर्मी वापस थाने और कोतवाली चले गए।
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समस्याएं सुनें तब बने बात
बुद्धजीवी वर्ग के लोगों को मानना है कि पुलिस मित्र की तरह पेश आए और पैदल टहलने के दौरान लोगों से मिले, उनकी समस्याएं सुने साथ ही
कार्रवाई करे, तब इस आदेश का मतलब साबित होगा। वरना यह सिर्फ खानापूर्ति हो जाएगी।
दो घंटे गश्त का आदेश है। इससे कि कानून व्यवस्था स्थापित हो सके। साथ ही अराजकता करने वालों को पकड़ा जा सके। कोई भी व्यक्ति पुलिस को अपनी समस्याएं बता सकता है।
रामकिशोर
एसपी
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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने आम जनता में पुलिस का भय दूर करने और आम आदमी तक पुलिस की पहुंच बनाने के उद्देश्य से पुलिसकमियों को अपने क्षेत्र में रोज दो घंटे पैदल घूमने का आदेश दिया है। इसका मकसद यह है कि पैदल घूमने के दौरान पुलिस जनता से संवाद करे।
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उनकी दिक्कतें पूछे। सोमवार की शाम जिले भर की थाना पुलिस कस्बे में पैदल निकल पड़ी। लोगों को लगा कि पुलिस त्योहार के चलते गश्त कर रही है। पैदल चलने के दौरान पुलिस कर्मियों ने किसी भी व्यक्ति से बात नहीं की। न ही किसी से दिक्कत पूछी। गश्त खत्म कर पुलिसकर्मी वापस थाने और कोतवाली चले गए।
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समस्याएं सुनें तब बने बात
बुद्धजीवी वर्ग के लोगों को मानना है कि पुलिस मित्र की तरह पेश आए और पैदल टहलने के दौरान लोगों से मिले, उनकी समस्याएं सुने साथ ही
कार्रवाई करे, तब इस आदेश का मतलब साबित होगा। वरना यह सिर्फ खानापूर्ति हो जाएगी।
दो घंटे गश्त का आदेश है। इससे कि कानून व्यवस्था स्थापित हो सके। साथ ही अराजकता करने वालों को पकड़ा जा सके। कोई भी व्यक्ति पुलिस को अपनी समस्याएं बता सकता है।
रामकिशोर
एसपी