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उपभोक्ता फोरम के आदेश के बाद भी बिल संशोधन के लिए बाबू ने मांगे थे रुपये
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दिबियापुर (औरैया)। बिजली बिल में संशोधन के लिए वर्ष 2016 में उपभोक्ता फोरम के आदेशों का पालन करने के बजाय विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपभोक्ता को परेशान कर रहे थे। शिक्षक ओमजी अधिकारियों के चक्कर लगाते-लगाते परेशान हो गया था।
शिक्षक ओमजी राना ने बताया कि वह उसके घर में पिता रामसुमरन यादव के नाम पर बिजली कनेक्शन लगा हुआ है। वर्ष 2010-2015 के बीच का उनका बिजली बिल 74835 रुपये आ गया था। यह काफी अधिक था। ओमजी ने बिल ठीक कराने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों के कई चक्कर लगाए लेकिन कोई बात नहीं बनी। मजबूरी में पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। वर्ष 2016 में उपभोक्ता फोरम ने राहत देते हुए बिजली विभाग को निर्देशित किया कि 240 रुपये प्रतिमाह दी दर से उपभोक्ता से बिजली बिल वसूला जाए। उपभोक्ता फोरम के इस आदेश का भी विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा। बिजली विभाग के लिपिक देव कुमार ने बिल संशोधन के नाम पर 15 हजार रुपयों की मांग की। काफी अनुरोध के बाद बाबू देव कुमार 10 हजार रुपये लेने को तैयार हुआ। बताया कि बिल संशोधन के नाम पर रुपये लेने की बात पीड़ित ने यूटा के प्रदेश संयोजक विक्रांत पटेरिया को बताई। विक्रांत पटेरिया के माध्यम से मामले की लिखित शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय कानपुर में की। एंटी करप्शन टीम शिकायत एवं आरोपों से पूरी तरह से संतुष्ट हुई तो बाबू को रंगे हाथों पकड़ने की तैयारी की गई।
अब तक 176 भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी पकड़े गए
दिबियापुर (औरैया)। बिजली विभाग के बाबू को पकड़े जाने की सूचना पर दिबियापुर पहुंचे यूनाइटेड टीचर्स एसोशिएसन के प्रदेश संयोजक विक्रांत पटेरिया ने बताया कि उनकी टीम भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। इसी के तहत अब तक उनका संगठन दिबियापुर में बिजली विभाग के बाबू समेत 176 भ्रष्टाचारियों को पकड़वा चुकी है। कानपुर मंडल के एक दर्जन भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी उनके संगठन के राडार पर हैं। जल्द ही ऐसे अधिकारियों कर्मचारियों को पकड़वाया जाएगा।
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शिक्षक ओमजी राना ने बताया कि वह उसके घर में पिता रामसुमरन यादव के नाम पर बिजली कनेक्शन लगा हुआ है। वर्ष 2010-2015 के बीच का उनका बिजली बिल 74835 रुपये आ गया था। यह काफी अधिक था। ओमजी ने बिल ठीक कराने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों के कई चक्कर लगाए लेकिन कोई बात नहीं बनी। मजबूरी में पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। वर्ष 2016 में उपभोक्ता फोरम ने राहत देते हुए बिजली विभाग को निर्देशित किया कि 240 रुपये प्रतिमाह दी दर से उपभोक्ता से बिजली बिल वसूला जाए। उपभोक्ता फोरम के इस आदेश का भी विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा। बिजली विभाग के लिपिक देव कुमार ने बिल संशोधन के नाम पर 15 हजार रुपयों की मांग की। काफी अनुरोध के बाद बाबू देव कुमार 10 हजार रुपये लेने को तैयार हुआ। बताया कि बिल संशोधन के नाम पर रुपये लेने की बात पीड़ित ने यूटा के प्रदेश संयोजक विक्रांत पटेरिया को बताई। विक्रांत पटेरिया के माध्यम से मामले की लिखित शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय कानपुर में की। एंटी करप्शन टीम शिकायत एवं आरोपों से पूरी तरह से संतुष्ट हुई तो बाबू को रंगे हाथों पकड़ने की तैयारी की गई।
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अब तक 176 भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी पकड़े गए
दिबियापुर (औरैया)। बिजली विभाग के बाबू को पकड़े जाने की सूचना पर दिबियापुर पहुंचे यूनाइटेड टीचर्स एसोशिएसन के प्रदेश संयोजक विक्रांत पटेरिया ने बताया कि उनकी टीम भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। इसी के तहत अब तक उनका संगठन दिबियापुर में बिजली विभाग के बाबू समेत 176 भ्रष्टाचारियों को पकड़वा चुकी है। कानपुर मंडल के एक दर्जन भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी उनके संगठन के राडार पर हैं। जल्द ही ऐसे अधिकारियों कर्मचारियों को पकड़वाया जाएगा।
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