फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   civic,ghotala,auraiya

कमेटी की जांच में मिला एक करोड़ से अधिक का घोटाला

Tue, 23 Nov 2021 11:15 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Nov 2021 11:15 PM IST
विज्ञापन
civic,ghotala,auraiya
औरैया। कोरोना संक्रमण के दौर में स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए 100 शय्या जिला अस्पताल को शासन से मिले बजट में जमकर घोटाला हुआ। तत्कालीन सीएमएस और लिपिक का कार्य देख रहे ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर (बीपीएम) ने वित्तीय वर्ष 2021 के बजट में दो करोड़ से ऊपर घालमेल किया। इस मामले में सीएमओ ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इधर, मामले की जांच कर रही पांच सदस्यीय टीम ने वर्ष 2019-20 में दिए गए बजट में एक करोड़ से अधिक की हेराफेरी पकड़ी है। एक के बाद एक घोटाले सामने आने पर अब बड़ी कार्रवाई के संकेत अफसर दे रहे हैं।
विज्ञापन

घोटाले की जांच कर रही पांच सदस्यीय टीम को 100 शय्या जिला अस्पताल में 2019-20 में दिए गए बजट में एक करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी मिली है। इस प्रकरण की जांच एडीएम रेखा एस. चौहान की अध्यक्षता में गठित टीम में शामिल सीएमओ कार्यालय के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, उपायुक्त सेल्स टैक्स, ट्रेजरी अधिकारी व सीएमओ कर रही थीं। टीम ने 13 बिंदुओं पर जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। तत्कालीन सीएमएस व लिपिक का काम देख रहे बीपीएम (तत्कालीन संविदा कर्मी) आदेश कुमार की मिलीभगत से एक करोड़ 19 लाख से अधिक का गबन होना पाया है।
विज्ञापन

उक्त बजट के सापेक्ष खर्च की धनराशि का अभिलेखों से मिलान नहीं हो पाया है। जांच के दौरान मांगे गए दस्तावेज भी टीम को उपलब्ध नहीं कराए जा सके। अब तक की जांच में टीम ने पाया है कि वर्ष 2019-20 में तीन फर्मों जयकाली इंटर प्राइजेज, शिवांगी इंटरप्राइजेज व नमन इंटर प्राइजेज की फर्मों के खातों में एक करोड़ 19 लाख से ऊपर की धनराशि हस्तांतरित की गई। जिसका कोई भी लेखाजोखा नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बतादें कि इससे पहले वित्तीय वर्ष 2021 की गठित टीम की जांच में दो करोड़ से ऊपर का गबन पाया गया था। जिसमें पहले से ही बीपीएम आदेश कुमार नामजद आरोपी है। उसे पुलिस तलाश रही है। वहीं, जांच में संलिप्त पाए गए तत्कालीन सीएमएस राजीव रस्तोगी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई थी, यह अभी तक नहीं मिल सकी है।

वर्जन
जांच रिपोर्ट में तत्कालीन सीएमएस डॉ. राजीव रस्तोगी व बीपीएम (तत्कालीन संविदा कर्मी ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर) आदेश कुमार के खिलाफ एक करोड़ से ऊपर का गबन पाया गया है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दिया है। अब जो भी कार्रवाई होगी डीएम के स्तर से की जाएगी। - रेखा एस. चौहान, अपर जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed