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दिनभर छाई रही धुंध, लाइट जलाकर निकले वाहन चालक
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औरैया। दिवाली के बाद से लगातार आसमान में धुंध बढ़ती जा रही है। दो दिनों में रविवार को सबसे अधिक धुंध रही। धुंध का असर पूरे दिन रहा और लगातार बढ़ रही है। रविवार को सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए। धुंध के कारण वाहन चालक दिन में लाइट जलाकर निकले। वहीं आंखों में जलन के साथ लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हुई।
दिवाली पर आतिशबाजी के कारण प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। रविवार सुबह जिले भर में आसमान में धुंध नजर आई। धुंध तेजी से बढ़ी। नौ बजे के करीब धुंध में हल्की कमी आई, जो पूरे दिन देखने को मिली। धुंध और स्माग के चलते पूरे दिन सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो सके। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो मौसम में नमी आठ प्रतिशत रही है।
इस दिवाली पर अधिक आतिशबाजी चलने का असर साफ देखने को मिल रहा है। स्माग से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा अधिक आतिशबाजी दागी गई है। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) नापने की व्यवस्था नहीं है। लेकिन एक्यूआई में बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। पूरे दिन छाए रहे स्माग के चलते सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए। वहीं सड़कों पर वाहन लेकर निकले लोग वाहनों की लाइट जलाकर आते-जाते दिखे।
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मौसम विशेषज्ञ ने बताया
मौसम विशेषज्ञ की मानें तो बड़े पैमाने पर दागी गई आतिशबाजी से वातावरण प्रदूषित हुआ है। बादल छाए रहने का असर भी देखने को मिला है। यदि पराली जलाई गई तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी जटिल होने वाली है।
बरते सावधानी
- स्माग से किसी तरह परेशानी के लक्षण दिखें तो तरल पदार्थ की मात्रा अधिक लें।
- सुबह-शाम प्रदूषण का असर अधिक रहता है, इसलिए बाहर निकलने से परहेज करें।
- पिसी काली मिर्च को शहद के साथ लेने से भी सांस लेने में राहत मिलेगी।
- रात के खाने में उड़द की दाल, मूली, दही आदि से परहेज करें।
- बुखार होने पर तत्काल डाक्टर से परामर्श लें।
- चाय में तुलसी, अदरक, लोंग, काली मिर्च डालना भी फायदेमंद रहेगा।
- गले में खराश, कान व आंख में खुजली हो तो डाक्टर की सलाह पर दवा लें।
- पीने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करें। गर्म पानी की भाप लेने से भी इसमें लाभ मिलेगा।
अमित यादव ने बताया कि दिवाली बाद से सांस लेने में लोगों को परेशानी हो रही है। सबसे अधिक समस्या बुजुर्गों के सामने है। बताया कि यह हवा बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए कष्टदायी है।
अश्वनी शुक्ला ने बताया कि सुबह के समय जब वह टहलने निकले तो स्माग अधिक मात्रा में था। बताया कि टहलने के दौरान नहर के समीप कई बुजुर्गों को इससे दिक्कत हुई। यह समस्या आतिशबाजी के कारण है।
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दिवाली पर आतिशबाजी के कारण प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। रविवार सुबह जिले भर में आसमान में धुंध नजर आई। धुंध तेजी से बढ़ी। नौ बजे के करीब धुंध में हल्की कमी आई, जो पूरे दिन देखने को मिली। धुंध और स्माग के चलते पूरे दिन सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो सके। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो मौसम में नमी आठ प्रतिशत रही है।
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इस दिवाली पर अधिक आतिशबाजी चलने का असर साफ देखने को मिल रहा है। स्माग से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा अधिक आतिशबाजी दागी गई है। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) नापने की व्यवस्था नहीं है। लेकिन एक्यूआई में बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। पूरे दिन छाए रहे स्माग के चलते सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए। वहीं सड़कों पर वाहन लेकर निकले लोग वाहनों की लाइट जलाकर आते-जाते दिखे।
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मौसम विशेषज्ञ ने बताया
मौसम विशेषज्ञ की मानें तो बड़े पैमाने पर दागी गई आतिशबाजी से वातावरण प्रदूषित हुआ है। बादल छाए रहने का असर भी देखने को मिला है। यदि पराली जलाई गई तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी जटिल होने वाली है।
बरते सावधानी
- स्माग से किसी तरह परेशानी के लक्षण दिखें तो तरल पदार्थ की मात्रा अधिक लें।
- सुबह-शाम प्रदूषण का असर अधिक रहता है, इसलिए बाहर निकलने से परहेज करें।
- पिसी काली मिर्च को शहद के साथ लेने से भी सांस लेने में राहत मिलेगी।
- रात के खाने में उड़द की दाल, मूली, दही आदि से परहेज करें।
- बुखार होने पर तत्काल डाक्टर से परामर्श लें।
- चाय में तुलसी, अदरक, लोंग, काली मिर्च डालना भी फायदेमंद रहेगा।
- गले में खराश, कान व आंख में खुजली हो तो डाक्टर की सलाह पर दवा लें।
- पीने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करें। गर्म पानी की भाप लेने से भी इसमें लाभ मिलेगा।
अमित यादव ने बताया कि दिवाली बाद से सांस लेने में लोगों को परेशानी हो रही है। सबसे अधिक समस्या बुजुर्गों के सामने है। बताया कि यह हवा बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए कष्टदायी है।
अश्वनी शुक्ला ने बताया कि सुबह के समय जब वह टहलने निकले तो स्माग अधिक मात्रा में था। बताया कि टहलने के दौरान नहर के समीप कई बुजुर्गों को इससे दिक्कत हुई। यह समस्या आतिशबाजी के कारण है।