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औरैयाः बजट के अभाव में नगर वन योजना तोड़ रही दम
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मंगला काली मंदिर गेट के सामने नगर वन बनाने को जेसीबी से समतल की गई बीहड़ की ऊबड़ खाबड़ जमीन। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। मंगला काली मंदिर के पास बीहडांचल में विकसित की जा रही नगर वन योजना बजट के अभाव में दम तोड़ रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने लगभग दो माह पहले बजट आने की उम्मीद में काम शुरू करा दिया था, लेकिन अभी तक बजट को लेकर संस्तुति नहीं मिल पाई है। इससे काम करा रहे ठेकेदार ने बकाया होने पर काम बंद कर दिया है।
जालौन रोड पर देवकली मंदिर के पीछे और मंगला काली मंदिर गेट के सामने वन विभाग की ओर से नगर वन बनाया जाना है। इसके लिए लगभग डेढ़ माह पहले ऊबड़ खाबड़ जमीन को जेसीबी के माध्यम से समतल कराए जाने का काम शुरू कराया गया। इस दौरान काम कराने वाले ठेकेदार ने वन विभाग के अधिकारियों के आदेश पर यमुना नदी तक जाने वाली कच्ची सड़क भी बना दी।
साथ ही टीले के चारों तरफ खुदाई कर टहलने के लिए मार्ग बना दिए। इसी बीच बजट न आने की सुगबुगाहट होते ही जिम्मेदारों ने भी हाथ खींचने शुरू कर दिए तो ठेकेदार ने भी काम बंद कर दिया। अब यह योजना अधर में लटक गई है। बता दें कि 15 हेक्टेयर के नगर वन में प्रति हेक्टेअर 4400 पौधे लगाए जाने हैं। जिसमें फल, फूल समेत अन्य प्रजाति के पौधे लगाए जाने थे। इन पौधों को बरसात के दौरान लगाया जाना था पर अभी तक बजट न आने से पौधरोपण अभियान भी अधर में लटक गया है।
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जिला वन अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कहा कि 42 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर नवंबर 2021 में स्वीकृति के लिए भेजा गया था। केंद्र सरकार से प्रदेश सरकार को बजट भेजा जाना है। एक सप्ताह में बजट के आने की उम्मीद है।
नगर वन में होंगी ये व्यवस्थाएं
नगर वन विकसित करने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव में मुख्य रूप से पौधरोपण, बोरिंग, टीलों पर सुंदरीकरण की व्यवस्था, झोपड़ी, बेंच, टहलने के लिए मार्ग आदि बनाए जाने हैं। इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर एक चौकीदार की भी तैनाती होगी।
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जालौन रोड पर देवकली मंदिर के पीछे और मंगला काली मंदिर गेट के सामने वन विभाग की ओर से नगर वन बनाया जाना है। इसके लिए लगभग डेढ़ माह पहले ऊबड़ खाबड़ जमीन को जेसीबी के माध्यम से समतल कराए जाने का काम शुरू कराया गया। इस दौरान काम कराने वाले ठेकेदार ने वन विभाग के अधिकारियों के आदेश पर यमुना नदी तक जाने वाली कच्ची सड़क भी बना दी।
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साथ ही टीले के चारों तरफ खुदाई कर टहलने के लिए मार्ग बना दिए। इसी बीच बजट न आने की सुगबुगाहट होते ही जिम्मेदारों ने भी हाथ खींचने शुरू कर दिए तो ठेकेदार ने भी काम बंद कर दिया। अब यह योजना अधर में लटक गई है। बता दें कि 15 हेक्टेयर के नगर वन में प्रति हेक्टेअर 4400 पौधे लगाए जाने हैं। जिसमें फल, फूल समेत अन्य प्रजाति के पौधे लगाए जाने थे। इन पौधों को बरसात के दौरान लगाया जाना था पर अभी तक बजट न आने से पौधरोपण अभियान भी अधर में लटक गया है।
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जिला वन अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कहा कि 42 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर नवंबर 2021 में स्वीकृति के लिए भेजा गया था। केंद्र सरकार से प्रदेश सरकार को बजट भेजा जाना है। एक सप्ताह में बजट के आने की उम्मीद है।
नगर वन में होंगी ये व्यवस्थाएं
नगर वन विकसित करने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव में मुख्य रूप से पौधरोपण, बोरिंग, टीलों पर सुंदरीकरण की व्यवस्था, झोपड़ी, बेंच, टहलने के लिए मार्ग आदि बनाए जाने हैं। इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर एक चौकीदार की भी तैनाती होगी।