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Auraiya News: बिजली खंभों पर डिश तार बांधने या विज्ञापन लगाने पर देना होगा चार्ज
Thu, 11 May 2023 01:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 11 May 2023 01:03 AM IST
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औरैया। बिजली विभाग के खंभों पर अब डिश केबल, विज्ञापन व टेलीफोन, ब्रॉडबैंड के केबल बांधना आसान न होगा। इसके लिए संचालक (सर्विस प्रोवाइडर) को प्रति वर्ष एक खंभे के अनुसार 550 रुपये शुल्क देना होगा। शुल्क न देने और मनमानी करते हुए अनाधिकृत रूप से केबल खींचने पर एफआईआर कराने के आदेश दिए गए हैं।
नियमों का पालन कराने के लिए यूपीपीसीएल के अध्यक्ष की ओर से एमडी दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम और जिले अधिकारियों को इस संबंध में आदेश भेज तत्काल अमल कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश आने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी अभियान चलाकर दो दिन से खंभों से केबल हटवा रहे हैं। इससे कई सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
बता दें कि यूपीपीसीएल के अध्यक्ष एम देवराज की ओर से नगर पालिका परिषद क्षेत्र में लगे बिजली खंंभों को बिना अनुमति के विज्ञापन, डिश केबिल या प्राइवेट कंपनियों के टेलीफोन के तार बांधने के उपयोग में लिए जाने की किसी के द्वारा शिकायत भेजी गई थी। जिस पर उन्होंने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड आगरा के एमडी को पत्र लिखकर बिना अनुमति के बिजली पोलों पर बंधी केबल, विज्ञापन बोर्ड आदि को तत्काल हटवाने के निर्देश दिए थे।
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प्रति खंभे के लिए देना होगा 550 का शुल्क लेनी होगी अनुमति
बिजली विभाग की ओर से प्रति खंभा 550 रुपये उपयोग शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके लिए बिजली खंभे का उपयोग करने वाले को पहले विभागीय अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। जिसके लिए उपयोग करने वाले खंभों का पहले उपयोग शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद आदेश मिलने पर संबंधित व्यक्ति अनुमति के आधार पर निर्धारित किए गए बिजली खंभों पर डिश केबिल, टेलीफोन तार, फ्लैक्सी या अन्य किसी प्राइवेट कंपनी के विज्ञापन के उपयोग में लाया जा सकता है। यही नहीं बिना अनुमति के बिजली खंभे का उपयोग होते पाये जाने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर भी हो सकती है।
कोट
उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद बिजली खंभों पर बिना अनुमति के अनाधिकृत रूप से बंधे डिश व प्राइवेट टेलीफोन कंपनियों के तार व विज्ञापन संबंधी लगे बोर्ड आदि को हटवाने का काम मंगलवार शाम से शुरू करा दिया गया है। यदि किसी को अपने जरूरत के अनुसार बिजली खंभे पर केबिल आदि बांधनी हो तो इसके लिए वह विभाग की शर्तों के अनुसार निर्धारित शुल्क जमा करे। इसके उपरांत उसे अनुमति दे दी जाएगी। अन्यथा की स्थिति में संंबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जाएगी। लेखराज सिंह, अधिशासी अधिकारी, सदर बिजली डिवीजन, औरैया।
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नियमों का पालन कराने के लिए यूपीपीसीएल के अध्यक्ष की ओर से एमडी दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम और जिले अधिकारियों को इस संबंध में आदेश भेज तत्काल अमल कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश आने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी अभियान चलाकर दो दिन से खंभों से केबल हटवा रहे हैं। इससे कई सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
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बता दें कि यूपीपीसीएल के अध्यक्ष एम देवराज की ओर से नगर पालिका परिषद क्षेत्र में लगे बिजली खंंभों को बिना अनुमति के विज्ञापन, डिश केबिल या प्राइवेट कंपनियों के टेलीफोन के तार बांधने के उपयोग में लिए जाने की किसी के द्वारा शिकायत भेजी गई थी। जिस पर उन्होंने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड आगरा के एमडी को पत्र लिखकर बिना अनुमति के बिजली पोलों पर बंधी केबल, विज्ञापन बोर्ड आदि को तत्काल हटवाने के निर्देश दिए थे।
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प्रति खंभे के लिए देना होगा 550 का शुल्क लेनी होगी अनुमति
बिजली विभाग की ओर से प्रति खंभा 550 रुपये उपयोग शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके लिए बिजली खंभे का उपयोग करने वाले को पहले विभागीय अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। जिसके लिए उपयोग करने वाले खंभों का पहले उपयोग शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद आदेश मिलने पर संबंधित व्यक्ति अनुमति के आधार पर निर्धारित किए गए बिजली खंभों पर डिश केबिल, टेलीफोन तार, फ्लैक्सी या अन्य किसी प्राइवेट कंपनी के विज्ञापन के उपयोग में लाया जा सकता है। यही नहीं बिना अनुमति के बिजली खंभे का उपयोग होते पाये जाने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर भी हो सकती है।
कोट
उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद बिजली खंभों पर बिना अनुमति के अनाधिकृत रूप से बंधे डिश व प्राइवेट टेलीफोन कंपनियों के तार व विज्ञापन संबंधी लगे बोर्ड आदि को हटवाने का काम मंगलवार शाम से शुरू करा दिया गया है। यदि किसी को अपने जरूरत के अनुसार बिजली खंभे पर केबिल आदि बांधनी हो तो इसके लिए वह विभाग की शर्तों के अनुसार निर्धारित शुल्क जमा करे। इसके उपरांत उसे अनुमति दे दी जाएगी। अन्यथा की स्थिति में संंबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जाएगी। लेखराज सिंह, अधिशासी अधिकारी, सदर बिजली डिवीजन, औरैया।