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बैंकें कैशलेस, निराश होकर लौटे लोग
auraiya,amar ujala beauro
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:19 PM IST
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आईडीबीआई बैंक के बाहर असुविधा के लिए खेद है का बोर्ड।
- फोटो : अमर उजाला
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बैंक में कैश की उपलब्धता न होने के कारण मंगलवार को अधिकतर बैंकों ने न तो नोट बदले और न ही निकासी की। जिले की अधिकांश बैंकों के बाहर कैश न होने के बोर्ड लगे थे। इसके कारण वहां भीड़ भी नहीं दिखी।
मंगलवार सुबह 11:45 बजे। पंजाब नेशनल बैंक के बाहर शटर पर कैश न होने के कारण भुगतान नहीं होगा। मौजूद सिपाहियों ने सिर्फ रुपया जमा करने वालों को ही बैंक के अंदर जाने दिया। बोर्ड देखकर नाराज उपभोक्ता विकास दुबे ने कहा कि सरकार कोर्ट को बता रही है सब कुछ ठीक है। लेकिन हालत बिगड़ रहे हैं। जेब में रुपया नहीं होने से बच्चों की फीस जमा करने तक में दिक्कतें आ रही हैं।
दोपहर 12:30 बजे। कानपुर रोड स्थित आईडीबीआई बैंक के बाहर भी कैश न होने का बोर्ड लगा दिया। बोर्ड में असुविधा के लिए खेद है लिखा था। यहां पर शाखा प्रबंधक के न होने पर लोग निराश होकर लौट गए। मौके पर मौजूद उपभोक्ता गोपाल मोहन बोले, बैंक में कैश है, लेकिन बैंक कर्मी अपने खास लोगों को दे रहे हैं।
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दोपहर 01:15 बजे। नरायनपुर स्थित डाकघर में भी भीड़ थी। लेकिन कैश लेने वालों की भीड़ एक किनारे थी। जमा करने वालों की भीड़ काउंटरों पर थी। कैश न मिलने से परेशान आदित्य कुमार गुप्ता ने एक कर्मचारी से गुस्सा रहे थे। बोले, बार-बार यह कहकर लौटा दिया जाता है कि रुपया नहीं हैं। आखिर कब रुपया आएगा।
दोपहर 2:40 बजे। दिबियापुर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर आज भीड़ नहीं थी। पैसा जमा करने वालों की लाइन थी। शाखा प्रबंधक संजय कुमार आफिस में व्यस्त थे। तभी एक व्यक्ति उनके पास पहुंचा और गुस्से में बोला कि वह आर्मी में हैं। उसकी बहन की शादी है रुपया निकालना है। काफी देर तक बहस हुई। लेकिन बैंक मैनेजर ने रुपया देने से मना कर दिया। प्रेम नरायन गुप्ता भी वहां कहते दिखे कि उनका सहारा तो सिर्फ पेंशन ही है। लेकिन बैंक में इतनी भीड़ है कि पेंशन निकालने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
डिमांड का दस फीसदी ही मिल रहा रुपया
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक दूधनाथ ने बताया कि सभी शाखा प्रबंधक अपनी क्षमतानुसार डिमांड कर रहे हैं। जिस शाखा पर जितना रुपया जमा है। वह जमा रकम का आधा रुपया डिमांड कर रहे हैं। लेकिन उन्हें डिमांड का 10 फीसदी ही मिला है। अभी तक जिले के सभी शाखा प्रबंधकों ने 206 करोड़ रुपये की मांग आरबीआई से की गई है। जल्द ही पांच सौ का नोट आने की संभावना है। नोट आते ही व्यवस्थाओं में सुधार होगा।
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मंगलवार सुबह 11:45 बजे। पंजाब नेशनल बैंक के बाहर शटर पर कैश न होने के कारण भुगतान नहीं होगा। मौजूद सिपाहियों ने सिर्फ रुपया जमा करने वालों को ही बैंक के अंदर जाने दिया। बोर्ड देखकर नाराज उपभोक्ता विकास दुबे ने कहा कि सरकार कोर्ट को बता रही है सब कुछ ठीक है। लेकिन हालत बिगड़ रहे हैं। जेब में रुपया नहीं होने से बच्चों की फीस जमा करने तक में दिक्कतें आ रही हैं।
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दोपहर 12:30 बजे। कानपुर रोड स्थित आईडीबीआई बैंक के बाहर भी कैश न होने का बोर्ड लगा दिया। बोर्ड में असुविधा के लिए खेद है लिखा था। यहां पर शाखा प्रबंधक के न होने पर लोग निराश होकर लौट गए। मौके पर मौजूद उपभोक्ता गोपाल मोहन बोले, बैंक में कैश है, लेकिन बैंक कर्मी अपने खास लोगों को दे रहे हैं।
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दोपहर 01:15 बजे। नरायनपुर स्थित डाकघर में भी भीड़ थी। लेकिन कैश लेने वालों की भीड़ एक किनारे थी। जमा करने वालों की भीड़ काउंटरों पर थी। कैश न मिलने से परेशान आदित्य कुमार गुप्ता ने एक कर्मचारी से गुस्सा रहे थे। बोले, बार-बार यह कहकर लौटा दिया जाता है कि रुपया नहीं हैं। आखिर कब रुपया आएगा।
दोपहर 2:40 बजे। दिबियापुर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर आज भीड़ नहीं थी। पैसा जमा करने वालों की लाइन थी। शाखा प्रबंधक संजय कुमार आफिस में व्यस्त थे। तभी एक व्यक्ति उनके पास पहुंचा और गुस्से में बोला कि वह आर्मी में हैं। उसकी बहन की शादी है रुपया निकालना है। काफी देर तक बहस हुई। लेकिन बैंक मैनेजर ने रुपया देने से मना कर दिया। प्रेम नरायन गुप्ता भी वहां कहते दिखे कि उनका सहारा तो सिर्फ पेंशन ही है। लेकिन बैंक में इतनी भीड़ है कि पेंशन निकालने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
डिमांड का दस फीसदी ही मिल रहा रुपया
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक दूधनाथ ने बताया कि सभी शाखा प्रबंधक अपनी क्षमतानुसार डिमांड कर रहे हैं। जिस शाखा पर जितना रुपया जमा है। वह जमा रकम का आधा रुपया डिमांड कर रहे हैं। लेकिन उन्हें डिमांड का 10 फीसदी ही मिला है। अभी तक जिले के सभी शाखा प्रबंधकों ने 206 करोड़ रुपये की मांग आरबीआई से की गई है। जल्द ही पांच सौ का नोट आने की संभावना है। नोट आते ही व्यवस्थाओं में सुधार होगा।