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औरैया: शौचालय निर्माण के लिए रख दीं ईंटे और ग्राम पंचायत ओडीएफ घोषित हो गई

Mon, 02 Mar 2020 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2020 11:48 PM IST
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Bricks laid for construction of toilets and Gram Panchayat ODF declared in auraiya
कोमल सिंह पुत्र त्रिलोकी बिना छत दो दीवार पर बना दिया शौचालय - फोटो : AURAIYA
औरैया। प्रधानमंत्री की अति महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन की परत दर परत गड़बड़ियों की पोल खुलने लगी है। ब्लॉक भाग्यनगर में ओडीएफ घोषित हो चुकी कई ग्राम पंचायतों में अब भी अधूरे शौचालय और सिर्फ ईंटें रखकर ग्राम पंचायत को ओडीएफ किया जा चुका है। ग्राम पंचायत गदनपुर के गांव रोशनपुर में बेस लाइन सर्वे 2011 में 73 शौचालय और जरूरतमंदों के प्रार्थना पत्र के आधार पर 51, कुल 124 शौचालयों का निर्माण किया गया है।
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इन शौचालयों की जब पड़ताल की गई तो कहीं सिर्फ ईंटें रखी पाई गईं तो कहीं दीवारें मिलीं। इसीतरह किसी में सीट गायब मिली तो किसी में गड्ढा भी नहीं दिखाई दिया। ब्लॉक भाग्यनगर के एडीओ पंचायत प्रवीण कुमार ने कहा कि अभी हमें चार्ज लिए एक महीना हुआ है। शौचालयों में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। अधूरे शौचालयों को पूरा कराया जाएगा।
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लाभार्थियों ने बताईं शौचालयों की असलियत
फफूंद। गांव निवासी शौचालय लाभार्थी श्यामबेटी पत्नी छोटेलाल ने बताया कि वर्ष 2018/19 में ग्राम प्रधान द्वारा बनवाया गया उनका शौचालय बिना गड्ढे का है। जिसकी वजह से वह खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। गांव के ही नाथूराम पुत्र मातादीन का कहना है कि पात्रता सूची में आने पर बीते वर्ष उनका शौचालय केवल चबूतरा बनाकर छोड़ दिया गया। कई बार प्रधान व सचिव से कहने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
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गांव के ही अरुण ने बताया कि उसके पिता किशनलाल को शौचालय मिला था जो अधूरा बनाया गया। न ही उसकी छत बनी और न गड्ढा। उसने गड्ढा भी खुद ही खोदा। पटिया भी प्रधान ने नहीं दी। जिस पर लकड़ी का दरवाजा रखकर काम चला रहा है। गांव के ही रामस्वरूप पुत्र सीताराम व बेहद गरीब 80 वर्षीय वृद्ध जमुना देवी पत्नी मूलचन्द्र के शौचालय भी बिना गड्ढे और बिना छत का बनाकर अधूरा छोड़ दिया गया।
रामस्वरूप की पत्नी मोहरवती ने बताया कि बार-बार प्रधान से कहने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। छत और गड्ढे न होने से इस्तेमाल नहीं हो पाने से उनका परिवार खुले में शौच जा रहा है। गांव के ही कोमल सिंह पुत्र त्रिलोकी व राजपति पत्नी महेशबाबू, गोल्डी पत्नी रंजीत कुमार के शौचालय तीन की बजाय केवल दो दीवार बनाने के बाद तीसरी दीवार लाभार्थी के घर की ही जोड़कर निर्माण कर दिया गया। जिससे गोल्डी पत्नी रंजीत के शौचालय की पिछली दीवार पूरी फट गई और गिरने की कगार पर है।
इनके दरवाजे ईंट रखकर छोड़ दिया गया
गांव में पात्र लाभार्थियों में शामिल जसवंत सिंह पुत्र तिजोली, गुड्डी पत्नी बबलू के शौचालयों का निर्माण न कराकर उनके दरवाजे प्रधान द्वारा छह महीने पहले ईंट रखवाकर ही शौचालय का कोटा पूरा कर लिया गया। इन लोगों ने बताया कि प्रधान से तमाम बार कहा लेकिन कुछ नहीं हुआ। परिवार खुले में शौच जा रहा है।
दिव्यांग लाभार्थी को भी निर्माण का इंतजार
ग्राम पंचायत गदनपुर के गांव रोशनपुर निवासी दिव्यांग धर्मनारायण पुत्र मूलचन्द्र बेहद गरीब हैं। चलने फिरने में भी असमर्थ हैं। पुत्री रजनी ने बताया कि पिता के नाम शौचालय आया था। जिसको प्रधान द्वारा बनवाया नहीं गया। काफी कहने के बाद छह माह पहले घर के दरवाजे पर ईंट रखवा दी थी। लेकिन अभी तक शौचालय का निर्माण नहीं हुआ। जिससे पूरा परिवार खुले में शौच जाने को मजबूर है।

अधूरे पड़े शौचालयों के लाभार्थियों को छह-छह हजार रुपये की चेक, गेट, सीट व सीमेंट दे चुके हैं, जिन्होंने निर्माण नहीं कराया है उनको नोटिस दिया जाएगा।
मनोज राजपूत, ग्राम प्रधान
फिलहाल ऐसी कोई शिकायत ग्राम पंचायत से नहीं आई है। फिर भी एडीओ पंचायत से जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजेश चौरसिया, डीपीआरओ
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