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Auraiya News: लूट के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज, कोर्ट ने माना आदतन अपराधी

Mon, 18 May 2026 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Mon, 18 May 2026 12:04 AM IST
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Bail application of robbery accused rejected, court considers him a habitual criminal
औरैया। बेला रोड पर व्यापारी से लाखों रुपये और लैपटॉप लूटने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य शिवम की पहली जमानत याचिका विशेष अदालत ने खारिज कर दी है।
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विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र महेश कुमार ने आरोपी के लंबे आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसे राहत देने से साफ इन्कार कर दिया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अभियुक्त प्रथम दृष्टया शातिर और आदतन अपराधी है, उसे जेल से बाहर भेजना न्यायहित में नहीं होगा।
दिबियापुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 17 अप्रैल 2026 की रात बेला रोड पर व्यापारी बृजेश कुमार गुप्ता से बाइक सवार तीन बदमाशों ने लाखों रुपये नकद और लैपटॉप लूटा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
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जवाबी फायरिंग में अभियुक्त शिवम और उसका साथी आशीष पैर में गोली लगने से घायल हो गए थे। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने शिवम के बैग की तलाशी ली तो उसमें से लूटे गए एक लाख रुपये व लैपटॉप बरामद हुआ था। आरोपी के पास से पुलिस को तमंचा, खोखा और कारतूस मिले थे।
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शनिवार को आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि पुलिस की पूरी कहानी फर्जी है। दलील दी कि पुलिस ने शिवम को उसके घर पचपेड़ा सहार से उठाकर पैर में गोली मारी और झूठा केस बना दिया। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मुठभेड़ के दौरान किसी पुलिसकर्मी को एक खरोंच तक नहीं आई, जो घटना को संदिग्ध बनाता है।

अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ थानों की रिपोर्ट पेश की। बताया कि आरोपी शिवम के खिलाफ बेला और रसूलाबाद कानपुर देहात के थानों में गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और लूट जैसे गंभीर अपराधों के छह मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का देखने के बाद कोर्ट ने माना कि व्यापारी से लूट और पुलिस टीम पर फायर करना बेहद गंभीर अपराध है। कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। आरोपी जेल में है।
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