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... आग में न जली, राम जल में जल गए

Mon, 10 Feb 2020 12:39 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2020 12:39 AM IST
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AURIYA NEWS
कार्यक्रम में उपस्थित एडीजे प्रथम कांत, एडीएम एमपी सिंह, अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी शुक्ला। - फोटो : AURAIYA
औरैया। नगर पालिका परिषद की ओर से शरदोत्सव प्रदर्शनी 2020 में शनिवार की शाम आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश भर से आए ख्यातिप्राप्त कवियों ने अपनी कविताएं सुनाकर श्रोताओं को भोर तक बांधे रखा। कार्यक्रम का उद्घाटन एडीजे प्रथमकांत व एडीएम न्यायिक एमपी सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान इंदौर के कवि अमन अक्षर ने सिद्ध कुछ हुए न दोष-दोष सारे टल गए सीता आग में न जली राम जल में जल गए कविता सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
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इस दौरान कार्यक्रम के आयोजक नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी शुक्ला ने कहा कि प्रदर्शनी का आयोजन शहरवासियों के स्वस्थ मनोरंजन और लोक संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से किया गया है। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की शुरूआत नैनीताल की कवियत्री गौरी मिश्रा की वाणी वंदना से हुई। दिल्ली के कवि चेतन चर्चित ने अपनी कविता मजबूरियों ने ऐसे मोड़ पर ला दिया कि वक्त के पहले मुझे बड़ा होना पड़ा। कोटा से आए कवि नरेश निर्भीक ने सैनिक वह होता है जो हम सब की खातिर जीता है हम पीते हैं बिसलरी वह हिम दिखला कर पीता है रचना सुनाकर जमकर तालियां बटोरी। संचालन कर रहे राम किशोर तिवारी ने क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर कविता वह नर पुंगव बलिदानी था आजाद जिया आजाद मरा सुनाकर माहौल को देशभक्ति की तरफ मोड़ा। विनोद राजयोगी ने चिता नहीं जलती है उसकी महायज्ञ होता है सदियों तक समाधि की मिट्टी से खुशबू आती है। नीलम कश्यप ने कैसी हमने प्रीत निभाई दुनिया की हर रीत निभाई, रविंद्र शर्मा ने तेरे होंठ गीत पढ़ते हैं आंखें गजल कहे रह-रह के हम भी तुमको जाने गजल कहें, बिहारी लाल अंबर ने सर भले ही कट जाए इस वतन के लिए पर यह लहराता अपना तिरंगा रहे, अजय अंजाम ने कोख में जो पल रहा है पति का प्रतीक नाथ बेटा हो वह हष्ट पुष्ट चंगा मुझे चाहिए या तो शत्रु वक्ष पर ही गाड़ के वह लौटे या तो उसके भी ताबूत पर तिरंगा मुझे चाहिए रचना सुनाकर जमकर तालियां बटोरी। गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना ने रेत पर नाम लिखने से क्या फायदा, हाथ की रेखा देख, तू हवा है तो कर ले अपने हवाले मुझको, मंदिरों की बनावट सा घर है मेरा समेत अनेक रचनाएं पढ़कर जमकर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम के अंत में ईओ डॉ.अनीता शुक्ला ने सभी का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व आयोजकों ने सभी कवियों का माल्यार्पण व शॉल पहनाकर कर स्वागत किया।
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