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औरैया: जिंदा को मृत दिखाने पर बीडीओ समेत तीन पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट, एफआईआर में एडीओ व पंचायत सचिव का भी नाम
Fri, 07 Jan 2022 01:33 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 07 Jan 2022 01:33 PM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
औरैया के अछल्दा थाने में कोर्ट के आदेश पर बीडीओ, एडीओ व पंचायत सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है। इस मामले में पीड़ित ने नवंबर 2019 में जिले के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया था। फरवरी 2020 को एडीएम के आदेश के बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
अब अछल्दा ब्लाक क्षेत्र के मोहम्मदाबाद गांव निवासी सुनील कुमार की तरफ से कोर्ट के आदेश पर थाना पुलिस ने ब्लॉक क्षेत्र के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। दर्ज कराई रिपोर्ट में सुनील कुमार ने कहा है कि उसके पिता शिवशंकर तिवारी को शासन की ओर से वर्ष 2010-11 से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी।
वर्ष 2019-20 में जब पिता के बैंक खाते में पेंशन नहीं आई तो उसने जानकारी की। तब पता चला कि कर्मचारियों व अधिकारियों ने पिता को अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया है। इसलिए शासन की तरफ से पेंशन निरस्त कर दी गई। उसके बाद शिव शंकर ने एडीएम को प्रार्थना पत्र देकर अपने जिंदा होने के सारे साक्ष्य प्रस्तुत किए।
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इस पर तत्कालीन एसडीएम बिधूना को जांच सौंपी गई। सुनील का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मदाबाद सलीम, एडीओ पंचायत समाज कल्याण अर्जुन दुबे व बीडीओ अछल्दा अश्वनी कुमार ने साजिश के तहत पिता को कागजों पर मृत दर्शाकर उनकी पेंशन निरस्त कर दी।
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अब अछल्दा ब्लाक क्षेत्र के मोहम्मदाबाद गांव निवासी सुनील कुमार की तरफ से कोर्ट के आदेश पर थाना पुलिस ने ब्लॉक क्षेत्र के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। दर्ज कराई रिपोर्ट में सुनील कुमार ने कहा है कि उसके पिता शिवशंकर तिवारी को शासन की ओर से वर्ष 2010-11 से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी।
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वर्ष 2019-20 में जब पिता के बैंक खाते में पेंशन नहीं आई तो उसने जानकारी की। तब पता चला कि कर्मचारियों व अधिकारियों ने पिता को अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया है। इसलिए शासन की तरफ से पेंशन निरस्त कर दी गई। उसके बाद शिव शंकर ने एडीएम को प्रार्थना पत्र देकर अपने जिंदा होने के सारे साक्ष्य प्रस्तुत किए।
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इस पर तत्कालीन एसडीएम बिधूना को जांच सौंपी गई। सुनील का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मदाबाद सलीम, एडीओ पंचायत समाज कल्याण अर्जुन दुबे व बीडीओ अछल्दा अश्वनी कुमार ने साजिश के तहत पिता को कागजों पर मृत दर्शाकर उनकी पेंशन निरस्त कर दी।