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डीएम कार्यालय में धूल फांक रही शहर की जलभराव के निदान की फाइल
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औरैया। शहर में होने वाले जलभराव की समस्या से निदान के लिए तैयार फाइल एक साल से डीएम कार्यालय में जमा है। फाइल के शासन नहीं पहुंचने के कारण समस्या निदान के लिए बजट नहीं मिला है। जबकि आने वाले दिनों में फिर से बारिश शुरू हो जाएगी। इस दौरान जलभराव की समस्या से एक बार फिर से शहरवासियों को जूझना होगा।
वर्ष 2019 में जलनिकासी के लिए नगर पालिका ने 19 करोड़ 50 लाख, 40 हजार रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव में जल निगम के सहयोग से शहर की जल निकासी की समस्या दूर करने के शहर के नरायनपुर से जालौन चौराहे तक लगभग साढ़े चार किलोमीटर तक अंडर ग्राउंड नाला बनाया जाना प्रस्तावित था।
एक साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी को नगर पालिका प्रशासन ने प्रस्ताव की फाइल शासन से स्वीकृति के लिए भेजी थी। सूत्रों की माने तो आज तक प्रस्ताव की यह फाइल जिलाधिकारी कार्यालय में ही धूल फांक रही है।
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जिससे शहर की सबसे गंभीर जल निकासी की समस्या दूर हो पाने पर बजट का रोड़ा बना हुआ है। दो दिन पहले ही अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद ने सदर विधायक गुड़िया कठेरिया को शहर की सबसे गंभीर इस समस्या को दूर कराने के लिए शासन स्तर पर पहल करने की अपील की है। इसके साथ ही प्रस्ताव की एक फाइल की उन्हें सौंपी है।
इन स्थानों पर रहती जलभराव की समस्या
शहर के बघाकटरा, नरायनपुर, पढ़ीन दरवाजा, सत्तेश्वर, गुरूहाई मोहाल समेत अन्य कई मोहल्लों में बरसात के दिनों में जलभराव होता है।
बोले जिम्मेदार---
जलभराव की समस्या दूर कराने के लिए साढ़े 19 करोड़ रुपये की लागत से अंडरग्राउंड नाला निर्माण के लिए शासन को भेजने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय को फाइल 2019 और 2021 में भेजी गई थी, इसके बाद क्या हुआ कुछ भी पता नहीं चल सका है। इससे शहर की गंभीर जलभराव की समस्या दूर होते नजर नहीं आ रही है। - बलवीर सिंह, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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वर्ष 2019 में जलनिकासी के लिए नगर पालिका ने 19 करोड़ 50 लाख, 40 हजार रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव में जल निगम के सहयोग से शहर की जल निकासी की समस्या दूर करने के शहर के नरायनपुर से जालौन चौराहे तक लगभग साढ़े चार किलोमीटर तक अंडर ग्राउंड नाला बनाया जाना प्रस्तावित था।
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एक साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी को नगर पालिका प्रशासन ने प्रस्ताव की फाइल शासन से स्वीकृति के लिए भेजी थी। सूत्रों की माने तो आज तक प्रस्ताव की यह फाइल जिलाधिकारी कार्यालय में ही धूल फांक रही है।
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जिससे शहर की सबसे गंभीर जल निकासी की समस्या दूर हो पाने पर बजट का रोड़ा बना हुआ है। दो दिन पहले ही अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद ने सदर विधायक गुड़िया कठेरिया को शहर की सबसे गंभीर इस समस्या को दूर कराने के लिए शासन स्तर पर पहल करने की अपील की है। इसके साथ ही प्रस्ताव की एक फाइल की उन्हें सौंपी है।
इन स्थानों पर रहती जलभराव की समस्या
शहर के बघाकटरा, नरायनपुर, पढ़ीन दरवाजा, सत्तेश्वर, गुरूहाई मोहाल समेत अन्य कई मोहल्लों में बरसात के दिनों में जलभराव होता है।
बोले जिम्मेदार---
जलभराव की समस्या दूर कराने के लिए साढ़े 19 करोड़ रुपये की लागत से अंडरग्राउंड नाला निर्माण के लिए शासन को भेजने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय को फाइल 2019 और 2021 में भेजी गई थी, इसके बाद क्या हुआ कुछ भी पता नहीं चल सका है। इससे शहर की गंभीर जलभराव की समस्या दूर होते नजर नहीं आ रही है। - बलवीर सिंह, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका परिषद