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कमरे के तापमान पर विश्ष्टि दबाव उत्पन्न कर निकाले विभिन्न औषधीय तत्व
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फोटो-04एयूआरपी-41 ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष डा. कमल घनशाला और खोज करने वाले विज्ञानी डा. नवीन कुमा
- फोटो : AURAIYA
औरैया। कमरे के तापमान पर एक विशिष्ट दबाव उत्पन्न कर पौधों की शाखाओं व पत्तों से विभिन्न औषधीय तत्व निकालने का शोध ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर औरैया निवासी डॉ.नवीन कुमार बाजपेयी ने किया है। इस शोध को केंद्र सरकार ने 20 साल के लिए पेटेंट कर अपनी स्वीकृति दे दी है।
औरैया के हलवाई खाना मोहल्ला निवासी डॉ.नवीन कुमार बाजपेयी ने बताया कि वह देहरादून के ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर है। करीब 12 सालों से वह देहरादून में रह रहे है।
तीन साल के अनुसंधान के बाद उन्हें यह कामयाबी मिली है। बताया कि कमरे के तापमान पर एक विशिष्ट दबाव उत्पन्न करके पौधों की विभिन्न शाखाओं व पत्तों से औषधीय तत्व निकालने की इस तकनीक के चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं।
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यह तकनीक अपनाने पर उतने ही पौधे से दो से तीन गुना अधिक प्रमुख औषधीय तत्व प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके जरिये रुद्राक्ष की पत्तियों से दो गुने से अधिक फिनोलिक तत्व निकालने में मिली सफलता इस शोध का आधार है।
इस तकनीक के जरिये बहुत कम खर्चे पर काफी कम समय में औषधियों के लिए आवश्यक तत्वों को पौधों, पत्तियों से निकाला जा सकता है। ग्राफिक एरा एजूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने इस नए शोध पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के बायोटेक एवं लाइफ साइंस विभाग के विज्ञानियों ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान के साथ मिलकर यह शोध किया है। प्रोफेसर डॉ.नवीन की इस नए शोध को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने पर परिवार समेत जिले में खुशी का माहौल है।
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औरैया के हलवाई खाना मोहल्ला निवासी डॉ.नवीन कुमार बाजपेयी ने बताया कि वह देहरादून के ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर है। करीब 12 सालों से वह देहरादून में रह रहे है।
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तीन साल के अनुसंधान के बाद उन्हें यह कामयाबी मिली है। बताया कि कमरे के तापमान पर एक विशिष्ट दबाव उत्पन्न करके पौधों की विभिन्न शाखाओं व पत्तों से औषधीय तत्व निकालने की इस तकनीक के चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं।
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यह तकनीक अपनाने पर उतने ही पौधे से दो से तीन गुना अधिक प्रमुख औषधीय तत्व प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके जरिये रुद्राक्ष की पत्तियों से दो गुने से अधिक फिनोलिक तत्व निकालने में मिली सफलता इस शोध का आधार है।
इस तकनीक के जरिये बहुत कम खर्चे पर काफी कम समय में औषधियों के लिए आवश्यक तत्वों को पौधों, पत्तियों से निकाला जा सकता है। ग्राफिक एरा एजूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने इस नए शोध पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के बायोटेक एवं लाइफ साइंस विभाग के विज्ञानियों ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान के साथ मिलकर यह शोध किया है। प्रोफेसर डॉ.नवीन की इस नए शोध को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने पर परिवार समेत जिले में खुशी का माहौल है।