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10 साल बाद विधवा को एसडीएम ने दिलाया जमीन हक
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अजीतमल। अधिकारी यदि समस्या को गंभीरता से लेना शुरू कर दें तो परेशान लोगों की समस्याओं के हल होने में समय नहीं लगता है। ऐसा ही एक उदाहरण तहसील क्षेत्र में भी देखने को मिला। जहां पति की मौत के बाद पैतृक जमीन पर अपना हक पाने के लिए विधवा पिछले 10 वर्षो से अधिकारियों के चक्कर काट रही थी। जब पीड़िता ने अपनी शिकायत एसडीएम अखिलेश कुमार तक पहुंचाई तो उन्होंने टीम को मौके पर भेजकर जमीन का कब्जा दिलाया।
तहसील क्षेत्र के गौहानी खुर्द निवासी विधवा ऊषा देवी का कहना है कि उसके पति शिव कुमार की मौत 10 वर्ष पूर्व हुई थी। इसके बाद उसकी जमीन पर गांव के कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए उसने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों सभी से गुहार की, लेकिन कहीं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बीती 21 दिसंबर को ऊषा ने एसडीएम को जमीन से संबंधित अपना शिकायती पत्र दिया। न्याय न मिलने पर ऊषा ने एक जनवरी से तहसील परिसर में धरने पर बैठने की बात कही थी।
मामले में गंभीरता दिखाते हुए एसडीएम ने कोतवाली निरीक्षक नवीन कुमार, राजस्व टीम के साथ 31 दिसंबर को गोहानी खुर्द गांव भेजकर जमीन की पैमाइश कराई और विधवा ऊषा के हिस्से की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। एसडीएम ने बताया कि पैमाइश से दोनों पक्ष संतुष्ट थे, इसके बाद ही नियमानुसार ऊषा देवी को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया गया है।
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तहसील क्षेत्र के गौहानी खुर्द निवासी विधवा ऊषा देवी का कहना है कि उसके पति शिव कुमार की मौत 10 वर्ष पूर्व हुई थी। इसके बाद उसकी जमीन पर गांव के कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए उसने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों सभी से गुहार की, लेकिन कहीं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बीती 21 दिसंबर को ऊषा ने एसडीएम को जमीन से संबंधित अपना शिकायती पत्र दिया। न्याय न मिलने पर ऊषा ने एक जनवरी से तहसील परिसर में धरने पर बैठने की बात कही थी।
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मामले में गंभीरता दिखाते हुए एसडीएम ने कोतवाली निरीक्षक नवीन कुमार, राजस्व टीम के साथ 31 दिसंबर को गोहानी खुर्द गांव भेजकर जमीन की पैमाइश कराई और विधवा ऊषा के हिस्से की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। एसडीएम ने बताया कि पैमाइश से दोनों पक्ष संतुष्ट थे, इसके बाद ही नियमानुसार ऊषा देवी को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया गया है।
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