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ब्लड बैंक में लगे एसी गायब, लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया लटकी
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फोटो02एयूआरपी 44- 50 शैया अस्पताल के एक कक्ष में लगी अल्ट्रा साउंड मशीन। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। शहर के 50 शैया जिला अस्पताल में बने ब्लड बैंक में लगाए गए चार एसी गायब हो गए हैं। इससे अब लाइसेंस प्रक्रिया में फिर अड़ंगा लगेगा। पिछले दिनों ड्रग इंस्पेक्टर ने अपनी रिपोर्ट में ब्लड बैंक के लाइसेंस के लिए एसी की अनिवार्यता को बताया था।
ब्लड बैंक के संचालन के समय अन्य जरूरी उपकरणों के साथ छह एसी भवन में लगवाए गए थे। जिससे मशीनों के तापमान को नियंत्रित रखा जा सके।
वर्ष 2013 में तत्कालीन पैथालॉजिस्ट डॉ.सुधीर के आगरा स्थानांतरण होने के बाद ब्लड बैंक बंद हो गया था। तब से आज तक अस्पताल प्रशासन लगातार शासन स्तर से पैथॉलाजिस्ट की तैनाती की मांग कर रहा है। जब अस्पताल प्रशासन ने सभी कमियां पूरी कर ली, तो लाइसेंस निरस्त होने की जानकारी दी गई।
इधर लाइसेंस निरस्त होने के बाद सीएमएस डॉ.राजेश मोहन ने फिर से ब्लड बैंक का लाइसेंस बनवाने को लेकर पिछले दिनों ड्रग इंस्पेक्टर ज्योत्सना आनंद से ब्लड बैंक का निरीक्षण कर कमियों को चिह्नित कराया, तो ब्लड बैंक में लगे चार एसी गायब मिले।
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इस पर ड्रग इंस्पेक्टर ने निरीक्षण के बाद एसी न लगे मिलने पर लाइसेंस बनवाए जाने के क्रम में बड़ी खामी बताया है। उनका कहना है कि बिना एसी के लाइसेंस बनवाने के आवेदन की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकती। उधर अस्पताल प्रशासन इस नई आफत से खासा परेशान है। वहीं ब्लड बैंक के लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया लटक गई है।
50 शैया युक्त जिला अस्पताल में सीएमएस पद पर तैनाती से पहले ही ब्लड बैंक में लगे एसी निकाले गए हैं। इसकी जांच कराई जा रही है। उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
वहीं दूसरे एसी खरीदने के लिए अभी बजट नहीं है, बजट की मांग की गई। मिलने पर ही एसी की खरीद की जा सकेगी। उसके उपरांत ही ब्लड बैंक के लाइसेंस के आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - डॉ.राजेश मोहन गुप्ता, सीएमएस
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ब्लड बैंक के संचालन के समय अन्य जरूरी उपकरणों के साथ छह एसी भवन में लगवाए गए थे। जिससे मशीनों के तापमान को नियंत्रित रखा जा सके।
वर्ष 2013 में तत्कालीन पैथालॉजिस्ट डॉ.सुधीर के आगरा स्थानांतरण होने के बाद ब्लड बैंक बंद हो गया था। तब से आज तक अस्पताल प्रशासन लगातार शासन स्तर से पैथॉलाजिस्ट की तैनाती की मांग कर रहा है। जब अस्पताल प्रशासन ने सभी कमियां पूरी कर ली, तो लाइसेंस निरस्त होने की जानकारी दी गई।
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इधर लाइसेंस निरस्त होने के बाद सीएमएस डॉ.राजेश मोहन ने फिर से ब्लड बैंक का लाइसेंस बनवाने को लेकर पिछले दिनों ड्रग इंस्पेक्टर ज्योत्सना आनंद से ब्लड बैंक का निरीक्षण कर कमियों को चिह्नित कराया, तो ब्लड बैंक में लगे चार एसी गायब मिले।
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इस पर ड्रग इंस्पेक्टर ने निरीक्षण के बाद एसी न लगे मिलने पर लाइसेंस बनवाए जाने के क्रम में बड़ी खामी बताया है। उनका कहना है कि बिना एसी के लाइसेंस बनवाने के आवेदन की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकती। उधर अस्पताल प्रशासन इस नई आफत से खासा परेशान है। वहीं ब्लड बैंक के लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया लटक गई है।
50 शैया युक्त जिला अस्पताल में सीएमएस पद पर तैनाती से पहले ही ब्लड बैंक में लगे एसी निकाले गए हैं। इसकी जांच कराई जा रही है। उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
वहीं दूसरे एसी खरीदने के लिए अभी बजट नहीं है, बजट की मांग की गई। मिलने पर ही एसी की खरीद की जा सकेगी। उसके उपरांत ही ब्लड बैंक के लाइसेंस के आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - डॉ.राजेश मोहन गुप्ता, सीएमएस