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बालिका से दुष्कर्म के दोषी अधेड़ को उम्र कैद
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औरैया। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) मनराज सिंह ने 15 माह पूर्व 10 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म में दोष सिद्ध होने पर 57 वर्षीय आरोपी विश्वनाथ निवासी रुपपुरा को उम्रकैद की सजा दी। कोर्ट ने दोषी पर पांच लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि पीड़िता के पिता ने अयाना थाने में रिपोर्ट लिखाई कि 13 सितंबर 2020 को सुबह वह गांव कटघरा में कचरिया देने गया था। उसकी बेटी विश्वनाथ निवासी रुरपुरा के पास ट्यूबवेल पर थी। ट्यूबवेल वादी की झोपड़ी के पास है।
बताया कि जब वह घर लौटकर आया तो बेटी खून से लथपथ थी। वह उसे तत्काल अस्पताल लेकर गया। जांच में दुष्कर्म का पता चला। विश्वनाथ ने बालिका से दुष्कर्म किया था। मामले में दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व एससी/एसटी एक्ट की तीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
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यह मामला विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मनराज सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने दुष्कर्म करने वाले को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने दोषी की उम्र का हवाला देकर रहम की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने दोषी विश्वनाथ को उम्रकैद व अर्थदंड की सजा मुकर्रर की।
अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा सुनाई गई। कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि का 50 प्रतिशत पीड़िता को चिकित्सकीय खर्चों व पुनर्वास की पूर्ति के लिए अदा करने का भी आदेश दिया। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने तीनों धाराओं में आजीवन कारावास व भारी अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि पीड़िता के पिता ने अयाना थाने में रिपोर्ट लिखाई कि 13 सितंबर 2020 को सुबह वह गांव कटघरा में कचरिया देने गया था। उसकी बेटी विश्वनाथ निवासी रुरपुरा के पास ट्यूबवेल पर थी। ट्यूबवेल वादी की झोपड़ी के पास है।
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बताया कि जब वह घर लौटकर आया तो बेटी खून से लथपथ थी। वह उसे तत्काल अस्पताल लेकर गया। जांच में दुष्कर्म का पता चला। विश्वनाथ ने बालिका से दुष्कर्म किया था। मामले में दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व एससी/एसटी एक्ट की तीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
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यह मामला विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मनराज सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने दुष्कर्म करने वाले को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने दोषी की उम्र का हवाला देकर रहम की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने दोषी विश्वनाथ को उम्रकैद व अर्थदंड की सजा मुकर्रर की।
अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा सुनाई गई। कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि का 50 प्रतिशत पीड़िता को चिकित्सकीय खर्चों व पुनर्वास की पूर्ति के लिए अदा करने का भी आदेश दिया। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने तीनों धाराओं में आजीवन कारावास व भारी अर्थदंड की सजा सुनाई है।