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समय से नवीनीकृत न होने से ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त
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फोटो26एयूआरपी 01- ब्लड बैंक कक्ष में संचालन के इंतजार में लगीं मशीनें। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में स्थापित ब्लड बैंक का लाइसेंस समय से नवीनीकरण न कराने के चलते निरस्त हो गया है। ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से निरीक्षण के बाद सीएमएस को रिपोर्ट भेजी गई है। ऐसे में जिले के लोगों के लिए यह एक बड़ा झटका है। इसके बाद जिले में ब्लड बैंक संचालित योजना होता नहीं दिखाई पड़ रहा है।
शहर स्थित 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में 2013 से बंद चल रहे ब्लड बैंक को शुरू कराए जाने के लिए अस्पताल और जिला प्रशासन एड़ी चोटी का जोर लगाए है।
इसके बाद भी ब्लड बैंक संचालन नहीं हो सका है। ऐसे में ब्लड बैंक लाइसेंस के रिन्यूवल को लेकर जरूरी स्टॉफ व अन्य प्रक्रियाओं को समय से पूरा न करने चलते इसका लाइसेंस ही निरस्त हो गया है। ऐसे में ब्लड बैंक संचालन की उम्मीद अभी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है।
बता दें कि ब्लड बैंक के लाइसेंस नवीनीकरण को लिए सीएमएस डॉ.राजेश मोहन ने लगभग दो माह पूर्व चार्ज संभालते ही पैथालाजिस्ट के अलावा लैब टेक्नीशियन के खाली पड़े पदों पर तैनाती के लिए स्वास्थ्य निदेशालय से पत्राचार शुरू कर दिया था।
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जिसके बाद पैथालाजिस्ट की तो तैनाती हो गई, लैब टेक्नीशियन के पद पर अस्पताल में तैनात अशोक सिंह को तैनात कर दिया गया। शुक्रवार को निरीक्षण के लिए ब्लड बैंक पहुंची ड्रग इंस्पेक्टर डॉ.ज्योत्सना ने निरीक्षण के बाद सीएमएस को रिपोर्ट भेजी है।
जिसमें साफ तौर पर बताया कि लाइसेंस रिन्यूवल का समय छह माह तक ही होता है। जबकि औरैया 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक के लाइसेंस का रिन्यूवल कई सालों से नहीं हुआ है। ऐसे में यह निरस्त हो चुका है। इसके लिए नए सिरे से लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
लाइसेेंस रिन्यूवल के लिए प्रयास किए गए लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से बताया गया कि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए मात्र छह माह का समय होता है। जबकि औरैया अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त हुए लगभग आठ साल से ज्यादा समय हो चुका है। ऐसे में अब नए सिरे से ब्लड बैंक का लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करना पड़ेगा। - डॉ.राजेश मोहन गुप्ता, सीएमएस, 50 शैया युक्त जिला अस्पताल, औरैया।
ब्लड बैंक के लिए आई नई मशीन
50 शैया युक्त जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त होने के चलते जहां फिलहाल उसके संचालन को लेकर सारे रास्ते बंद होते दिखाई दे रहे हैं। वहीं शनिवार को लखनऊ से ब्लड बैंक से संबंधित एक मशीन औरैया अस्पताल भेजी गई।
जिसे अस्पताल कर्मियों ने ब्लड बैंक में रखवा दिया है। सीएमएस डॉ.राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि ब्लड बैंक के लिए मशीन आई है, लेकिन कौन सी मशीन है यह खुलने के बाद ही पता चल पाएगा।
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शहर स्थित 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में 2013 से बंद चल रहे ब्लड बैंक को शुरू कराए जाने के लिए अस्पताल और जिला प्रशासन एड़ी चोटी का जोर लगाए है।
इसके बाद भी ब्लड बैंक संचालन नहीं हो सका है। ऐसे में ब्लड बैंक लाइसेंस के रिन्यूवल को लेकर जरूरी स्टॉफ व अन्य प्रक्रियाओं को समय से पूरा न करने चलते इसका लाइसेंस ही निरस्त हो गया है। ऐसे में ब्लड बैंक संचालन की उम्मीद अभी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है।
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बता दें कि ब्लड बैंक के लाइसेंस नवीनीकरण को लिए सीएमएस डॉ.राजेश मोहन ने लगभग दो माह पूर्व चार्ज संभालते ही पैथालाजिस्ट के अलावा लैब टेक्नीशियन के खाली पड़े पदों पर तैनाती के लिए स्वास्थ्य निदेशालय से पत्राचार शुरू कर दिया था।
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जिसके बाद पैथालाजिस्ट की तो तैनाती हो गई, लैब टेक्नीशियन के पद पर अस्पताल में तैनात अशोक सिंह को तैनात कर दिया गया। शुक्रवार को निरीक्षण के लिए ब्लड बैंक पहुंची ड्रग इंस्पेक्टर डॉ.ज्योत्सना ने निरीक्षण के बाद सीएमएस को रिपोर्ट भेजी है।
जिसमें साफ तौर पर बताया कि लाइसेंस रिन्यूवल का समय छह माह तक ही होता है। जबकि औरैया 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक के लाइसेंस का रिन्यूवल कई सालों से नहीं हुआ है। ऐसे में यह निरस्त हो चुका है। इसके लिए नए सिरे से लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
लाइसेेंस रिन्यूवल के लिए प्रयास किए गए लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से बताया गया कि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए मात्र छह माह का समय होता है। जबकि औरैया अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त हुए लगभग आठ साल से ज्यादा समय हो चुका है। ऐसे में अब नए सिरे से ब्लड बैंक का लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करना पड़ेगा। - डॉ.राजेश मोहन गुप्ता, सीएमएस, 50 शैया युक्त जिला अस्पताल, औरैया।
ब्लड बैंक के लिए आई नई मशीन
50 शैया युक्त जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त होने के चलते जहां फिलहाल उसके संचालन को लेकर सारे रास्ते बंद होते दिखाई दे रहे हैं। वहीं शनिवार को लखनऊ से ब्लड बैंक से संबंधित एक मशीन औरैया अस्पताल भेजी गई।
जिसे अस्पताल कर्मियों ने ब्लड बैंक में रखवा दिया है। सीएमएस डॉ.राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि ब्लड बैंक के लिए मशीन आई है, लेकिन कौन सी मशीन है यह खुलने के बाद ही पता चल पाएगा।

फोटो26एयूआरपी 02- ब्लड बैंक के दूसरे कक्ष में धूल खा रहीं मशीनें। संवाद- फोटो : AURAIYA