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बैंक हड़ताल से 80 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित
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फोटो - 16एयूआरपी30- कानपुर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी व अधिकारी ?
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक के निजीकरण के प्रयास से खफा यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर गुरुवार को बैंक शाखाओं की हड़ताल की गई। बैंक अधिकारी व कर्मचारियों ने शहर के कानपुर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। बैंकों की हड़ताल रहने से 80 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ, जबकि 40 करोड़ रुपये की क्लीयरिंग भी प्रभावित हुई।
प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र तोमर ने बताया कि यह हड़ताल सरकार द्वारा प्रस्तावित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में एवं सरकार के मजदूर विरोधी, बैंकिंग सुधार के विरोध में की जा रही है। भारतीय स्टेट बैंक के सलिल सक्सेना ने बताया कि बैंकों का निजीकरण का मतलब है कि ग्रामीण शाखाओं का बंद होना। छोटे एवं मध्यम आकार के उद्योगों एवं ऋण लेने वालों की परेशानी बढ़ना। कहा कि बैंकों का निजीकरण समाज की सामाजिक, आर्थिक सुरक्षा के खिलाफ एवं बड़े पूंजीपतियों के हित के लिए है।
यूपी बैंक कर्मचारी यूनियन के जिला उपाध्यक्ष रामकृपाल सेंगर ने बताया कि सरकारी बैंकों का उद्देश्य सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, सामाजिक सेवा सर्वोपरि रखते हुए लाभ कमाना है। जबकि प्राइवेट बैंक एक व्यापारी की तरह होती है, जिसका असली मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना है। इस मौके पर विनय अग्रवाल, रामविलास, आशीष कुमार, दिलीप पटारिया, देवराज सिंह, जगदीश सिंह, आशुतोष पांडेय आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र तोमर ने बताया कि यह हड़ताल सरकार द्वारा प्रस्तावित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में एवं सरकार के मजदूर विरोधी, बैंकिंग सुधार के विरोध में की जा रही है। भारतीय स्टेट बैंक के सलिल सक्सेना ने बताया कि बैंकों का निजीकरण का मतलब है कि ग्रामीण शाखाओं का बंद होना। छोटे एवं मध्यम आकार के उद्योगों एवं ऋण लेने वालों की परेशानी बढ़ना। कहा कि बैंकों का निजीकरण समाज की सामाजिक, आर्थिक सुरक्षा के खिलाफ एवं बड़े पूंजीपतियों के हित के लिए है।
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यूपी बैंक कर्मचारी यूनियन के जिला उपाध्यक्ष रामकृपाल सेंगर ने बताया कि सरकारी बैंकों का उद्देश्य सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, सामाजिक सेवा सर्वोपरि रखते हुए लाभ कमाना है। जबकि प्राइवेट बैंक एक व्यापारी की तरह होती है, जिसका असली मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना है। इस मौके पर विनय अग्रवाल, रामविलास, आशीष कुमार, दिलीप पटारिया, देवराज सिंह, जगदीश सिंह, आशुतोष पांडेय आदि मौजूद रहे।
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