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पालिका परिक्षेत्र के बाहर जा रहा हजारों लीटर पानी, लाखों रुपये राजस्व की हानि
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औरैया। नगर पालिका परिक्षेत्र में औरैया पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन का पानी पालिका सीमा से बाहर के गांवों में जाने से प्रति साल लाखों रुपये राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, अधिकारियों की अनदेखी से पानी बर्बाद हो रहा है।
शहर में केंद्र व प्रदेश सरकार की संस्तुति मिलने के बाद लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित औरैया पेयजल पुनर्गठन योजना में छह पानी की टंकियां, 17 ट्यूबलवेल, चार अंडरग्राउंड वाटर टैंक व लगभग 80 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाई गई थी। इस योजना पर कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से धरातल पर काम किया गया था। खास बात यह है कि कार्यदायी संस्था की ओर से नगरीय क्षेत्र की इस योजना में बिछाई गई अंडरग्राउंड पाइप लाइन को शहरी क्षेत्र से सटे गांव बमुरीपुर व समरथपुर की पाइप लाइनों से भी जोड़ दिया गया। जिससे पिछले लगभग तीन सालों से शहर की जनता के हिस्से का पानी निशुल्क रूप से दो गांवों में निर्बाध आपूर्ति हो रही है। जबकि शहरी जनता को उपयोग करने वाले पानी का पालिका प्रशासन को जलकर व जलमूल्य के रूप में कर देना पड़ रहा है। पालिका प्रशासन की इस अनदेखी से नगर पालिका का पिछले तीन सालों में लाखों रुपये राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।
बावजूद इसके किसी भी अधिकारी ने आज तक इस तरफ कोई ध्यान देने की जरूरत ही नहीं समझी। उधर, पानी की समस्या झेल रहे गुमटी व निझाई मोहल्ले के लोगों को अपने हिस्से का पानी मांगने के लिए पालिका की दौड़ लगानी पड़ रही है। पिछले दिनों पानी की समस्या को लेकर इन मोहल्लों के उपभोक्ताओं ने सभासद के साथ ईओ का घेराव भी किया था।
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मोहल्लेवासी बोले
निझाई मोहल्ला निवासी गृहिणी राधा अग्रवाल ने बताया कि पालिका प्रशासन की ओर से शहर के अन्य मोहल्लों में दोनों समय पानी दिया जाता है। जबकि उनके मोहल्ले में केवल सुबह के समय थोड़ी देर ही पानी आता है। जरा से चूक जाएं तो पूरे दिन पानी की समस्या झेलनी पड़ती है। पूनम पुरवार ने बताया कि पिछले दिनों नगर पालिका परिषद में जाकर ईओ का घेराव किया था। इसके दो-तीन दिन बाद ही अपर जिलाधिकारी ने मोहल्ले का निरीक्षण किया। एडीएम के निरीक्षण के दौरान नलों में पानी आ गया लेकिन उनके जाने के बाद फिर से वही समस्या झेल रहे हैं।
जिम्मेदार बोले
औरैया पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन का पानी गांवों में जा रहा है। इसकी जानकारी नहीं है। पाइप लाइन जल निगम की ओर से बिछाई गई थी, उनको गांवों की लाइनों में जोड़ना नहीं चाहिए था। जानकारी करके इस दिशा में जल्द कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।
-बलवीर सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद
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शहर में केंद्र व प्रदेश सरकार की संस्तुति मिलने के बाद लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित औरैया पेयजल पुनर्गठन योजना में छह पानी की टंकियां, 17 ट्यूबलवेल, चार अंडरग्राउंड वाटर टैंक व लगभग 80 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाई गई थी। इस योजना पर कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से धरातल पर काम किया गया था। खास बात यह है कि कार्यदायी संस्था की ओर से नगरीय क्षेत्र की इस योजना में बिछाई गई अंडरग्राउंड पाइप लाइन को शहरी क्षेत्र से सटे गांव बमुरीपुर व समरथपुर की पाइप लाइनों से भी जोड़ दिया गया। जिससे पिछले लगभग तीन सालों से शहर की जनता के हिस्से का पानी निशुल्क रूप से दो गांवों में निर्बाध आपूर्ति हो रही है। जबकि शहरी जनता को उपयोग करने वाले पानी का पालिका प्रशासन को जलकर व जलमूल्य के रूप में कर देना पड़ रहा है। पालिका प्रशासन की इस अनदेखी से नगर पालिका का पिछले तीन सालों में लाखों रुपये राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।
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बावजूद इसके किसी भी अधिकारी ने आज तक इस तरफ कोई ध्यान देने की जरूरत ही नहीं समझी। उधर, पानी की समस्या झेल रहे गुमटी व निझाई मोहल्ले के लोगों को अपने हिस्से का पानी मांगने के लिए पालिका की दौड़ लगानी पड़ रही है। पिछले दिनों पानी की समस्या को लेकर इन मोहल्लों के उपभोक्ताओं ने सभासद के साथ ईओ का घेराव भी किया था।
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मोहल्लेवासी बोले
निझाई मोहल्ला निवासी गृहिणी राधा अग्रवाल ने बताया कि पालिका प्रशासन की ओर से शहर के अन्य मोहल्लों में दोनों समय पानी दिया जाता है। जबकि उनके मोहल्ले में केवल सुबह के समय थोड़ी देर ही पानी आता है। जरा से चूक जाएं तो पूरे दिन पानी की समस्या झेलनी पड़ती है। पूनम पुरवार ने बताया कि पिछले दिनों नगर पालिका परिषद में जाकर ईओ का घेराव किया था। इसके दो-तीन दिन बाद ही अपर जिलाधिकारी ने मोहल्ले का निरीक्षण किया। एडीएम के निरीक्षण के दौरान नलों में पानी आ गया लेकिन उनके जाने के बाद फिर से वही समस्या झेल रहे हैं।
जिम्मेदार बोले
औरैया पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन का पानी गांवों में जा रहा है। इसकी जानकारी नहीं है। पाइप लाइन जल निगम की ओर से बिछाई गई थी, उनको गांवों की लाइनों में जोड़ना नहीं चाहिए था। जानकारी करके इस दिशा में जल्द कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।
-बलवीर सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद