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प्रधानमंत्री आवास योजना में 167 अपात्रों को बांटे 3 करोड़ रुपये
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दिबियापुर (औरैया)। औरैया जिले में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में कर्मियों द्वारा वित्तीय अनियमितता व पर्यवेक्षण कार्य में शिथिलता बरतने का मामला प्रकाश में आया है। एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर की समिति द्वारा औरैया व बिधूना तहसील में कराई गई जांच के बाद जिला नगरीय विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने 6 कर्मियों के खिलाफ 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राष्ट्रीय क्षति पहुंचाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पिछले दिनों औरैया जिले में प्रधानमंत्री शहरी विकास योजना में अनियमितता का मामला जोर-शोर से उछला था। इसके बाद डूडा के निदेशक ने डीएम को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने एवं अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई करने के लिए कहा था। निदेशक के पत्र के बाद एसडीएम एवं डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व वाली जांच समिति ने जांच की तो अनियमितताओं की पुष्टि हुई। जिला नगरीय विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में कर्मियों ने पर्यवेक्षण कार्य में शिथिलता बरतते हुए वित्तीय अनियमितता की है। इससे शासकीय क्षति हुई है।
दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि कुल 167 अपात्रों का योजना में चयन करके उन्हें 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये देकर शासकीय क्षति पहुंचाई गई। उन्होंने इसके लिए तत्कालीन परियोजना अधिकारी पवन कुमार, परियोजना अधिकारी (सीएमए) अनीता, आशीष कुमार सीएलटीसी, एसनो फाउंडेशन के सर्वेयर पीएमसी विजय कुमार, शैलेन्द्र कुमार एवं कौशल कुमार को दोषी मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सुरेंद्र नाथ के अनुसार मामले में निदेशक के पत्र के बाद पांच सदस्यीय टीम ने जांच की थी। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इधर, अपात्रों को गलत तरीके से योजना का लाभ दिलाने पर कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब अपात्रों में हड़कंप मचा हुआ है।
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पहली किस्त मिली नहीं, दूसरी किस्त की जारी
डूडा के परियोजना अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि औरैया निवासी पुष्पा देवी को पहली किस्त के बजाय दूसरी किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये अनियमित तरीके से दिए गए। जबकि बनारसी दास औरैया निवासी भारती सेंगर को नगरीय सीमा से बाहर का होने के बावजूद पहली और दूसरी किस्त दी गई।
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पिछले दिनों औरैया जिले में प्रधानमंत्री शहरी विकास योजना में अनियमितता का मामला जोर-शोर से उछला था। इसके बाद डूडा के निदेशक ने डीएम को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने एवं अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई करने के लिए कहा था। निदेशक के पत्र के बाद एसडीएम एवं डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व वाली जांच समिति ने जांच की तो अनियमितताओं की पुष्टि हुई। जिला नगरीय विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में कर्मियों ने पर्यवेक्षण कार्य में शिथिलता बरतते हुए वित्तीय अनियमितता की है। इससे शासकीय क्षति हुई है।
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दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि कुल 167 अपात्रों का योजना में चयन करके उन्हें 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये देकर शासकीय क्षति पहुंचाई गई। उन्होंने इसके लिए तत्कालीन परियोजना अधिकारी पवन कुमार, परियोजना अधिकारी (सीएमए) अनीता, आशीष कुमार सीएलटीसी, एसनो फाउंडेशन के सर्वेयर पीएमसी विजय कुमार, शैलेन्द्र कुमार एवं कौशल कुमार को दोषी मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सुरेंद्र नाथ के अनुसार मामले में निदेशक के पत्र के बाद पांच सदस्यीय टीम ने जांच की थी। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इधर, अपात्रों को गलत तरीके से योजना का लाभ दिलाने पर कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब अपात्रों में हड़कंप मचा हुआ है।
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पहली किस्त मिली नहीं, दूसरी किस्त की जारी
डूडा के परियोजना अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि औरैया निवासी पुष्पा देवी को पहली किस्त के बजाय दूसरी किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये अनियमित तरीके से दिए गए। जबकि बनारसी दास औरैया निवासी भारती सेंगर को नगरीय सीमा से बाहर का होने के बावजूद पहली और दूसरी किस्त दी गई।