{"_id":"5fea27ab8ebc3e3ead4e39af","slug":"auraiya-news-auraiya-news-knp602708540","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से मनाई पिल्लाें की छठी, खिलाई दावत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से मनाई पिल्लाें की छठी, खिलाई दावत
विज्ञापन
सुभाष और रूबी कुतिया के बच्चों को खिलाते हुए।
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। सदर कोतवाली के क्योंटरा गांव में सोमवार को एक मजदूर ने पशु प्रेम की मिसाल पेश की है। उसने अपनी पालतू कुतिया के दो पिल्लों की छठी विधि विधान से की। गांव के लोगों को निमंत्रण दिया। पूड़ी सब्जी और कढ़ी चावल खिलाया।
क्योंटर गांव निवासी सुभाष मजदूरी करते हैं। इन्होंने एक कुतिया पाल रखी है। उसका नाम रेशमा रखा है। रेशमा ने छह दिन पहले दो पिल्लों को जन्म दिया था। सोमवार को छह दिन पूरे होने पर पत्नी रूबी से सलाह मशविरा कर छठी का आयोजन किया। गांव में जाकर निमंत्रण दिया। सबसे पहले कन्याओं को भोजन कराया गया। इसके बाद गांव के करीब सौ लोगों ने दावत का लुत्फ उठाया। इस दौरान घर में धूमधाम और रौकन रही।
इनसेट
परिवार की सदस्य है रेशमा
सुभाष और रूबी ने बताया कि रेशमा को करीब पांच साल पहले लाए थे। रेशमा उनके परिवार के सदस्य की तरह हो गई है। कहीं से भी आओ तो दौड़ लगाकर आती है। दंपति ने बताया कि रेशमा को बच्चे की तरह पाला है। अब उसके बच्चे होने पर हमने भी अपना फर्ज निभाया। ग्रामीण कपिल मिश्रा ने बताया कि ये रेशमा लोग को शुरू से बड़े प्यार से रखते आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्योंटर गांव निवासी सुभाष मजदूरी करते हैं। इन्होंने एक कुतिया पाल रखी है। उसका नाम रेशमा रखा है। रेशमा ने छह दिन पहले दो पिल्लों को जन्म दिया था। सोमवार को छह दिन पूरे होने पर पत्नी रूबी से सलाह मशविरा कर छठी का आयोजन किया। गांव में जाकर निमंत्रण दिया। सबसे पहले कन्याओं को भोजन कराया गया। इसके बाद गांव के करीब सौ लोगों ने दावत का लुत्फ उठाया। इस दौरान घर में धूमधाम और रौकन रही।
विज्ञापन
इनसेट
परिवार की सदस्य है रेशमा
सुभाष और रूबी ने बताया कि रेशमा को करीब पांच साल पहले लाए थे। रेशमा उनके परिवार के सदस्य की तरह हो गई है। कहीं से भी आओ तो दौड़ लगाकर आती है। दंपति ने बताया कि रेशमा को बच्चे की तरह पाला है। अब उसके बच्चे होने पर हमने भी अपना फर्ज निभाया। ग्रामीण कपिल मिश्रा ने बताया कि ये रेशमा लोग को शुरू से बड़े प्यार से रखते आ रहे हैं।
विज्ञापन