फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Auraiya: Farmers should prosper by growing Kufuri Sindoori, Chipsona

औरैयाः कुफूरी सिंदूरी, चिप्सोना उगाकर समृद्ध हों किसान

Thu, 01 Sep 2022 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Sep 2022 11:48 PM IST
विज्ञापन
Auraiya: Farmers should prosper by growing Kufuri Sindoori, Chipsona
प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. अनंत कुमार - फोटो : AURAIYA
औरैया। कम बारिश से परेशान किसानों के लिए राहत भरी खबर है। उद्यान विभाग ने किसानों को 500 क्विंटल आलू का बीज देने की तैयारी की है। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक बेहतर पैदावार की सलाह दे रहे हैं। उद्यान विभाग के मुताबिक, कुफूरी-सिंदूरी, कुफूरी बहार (3797), चिप्सोना प्रजाति के आलू किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में मददगार होगी।
विज्ञापन

जिला उद्यान अधिकारी अनूप चतुर्वेदी ने बताया कि यह फसल सिर्फ 80 दिन में तैयार हो जाती है। इसका उत्पादन करीब 250 से 300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है। उद्यान विभाग ने निदेशालय से आलू की मांग की है। आलू का बीज प्राप्त करने के लिए किसान अपना आधार कार्ड व मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन करा लें। जिससे किसानों को उनकी मांग के अनुरूप बीज की आपूर्ति कराई जा सके। निदेशालय की ओर से जारी रोस्टर के हिसाब से अक्तूबर में आलू का बीज जिले को प्राप्त हो जाएगा। कुफरी सिंदूरी, कुफरी बहार (3797), कुफूरी, चिप्सोना के बीज की मांग की गई है।
विज्ञापन

ऐसे करें तैयारी
कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी के प्रभारी डॉ.अनंत कुमार ने बताया कि आलू की अगेती बुआई सितंबर से प्रारंभ हो जाती है। बुआई का समय 15 से 25 अक्तूबर है। बताया कि अच्छी पैदावार के लिए जल निकास युक्त बलुआ, दोमट मिट्टी का चयन करें। खेत की दो से तीन बार गहरी जुताई कर मिट्टी भुरभुरी बना दें। लाइन की दूरी 60 व पौधे से पौधे की दूरी 15 से 20 सेंटीमीटर रखें। एक एकड़ खेती के लिए 12 से 14 क्विंटल रोग रहित शुद्ध बीज प्रयोग करें। प्रत्येक बीज का वजन 30 ग्राम से कम न हो। अच्छी पैदावार के लिए 70 किलोग्राम नाइट्रोजन, 35 किलोग्राम फास्फेट, 40 किलोग्राम पोटाश का प्रयोग करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

छह हजार हेक्टेयर में होती है खेती
जिले में छह हजार हेक्टेयर में आलू की खेती की जाती है। जिले के औरैया, अजीतमल, भाग्यनगर, अछल्दा, ऐरवाकटरा, बिधूना व सहार ब्लॉक में बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है। किसानों ने खेती करने के लिए खेतों को तैयार करना शुरू कर दिया है।

पहले आओ, पहले पाओ
जिला उद्यान अधिकारी अनूप चतुर्वेदी ने बताया कि आलू के बीज की मांग की गई है। नगद भुगतान पर किसानों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर बीज का वितरण किया जाएगा। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।

 आलू की खेती (फाइल फोटो)। संवाद

आलू की खेती (फाइल फोटो)। संवाद- फोटो : AURAIYA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed