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ऐतिहासिक धरोहर को संरिक्षत कर भूल गया पुरातत्व विभाग

Wed, 13 Apr 2022 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Apr 2022 12:09 AM IST
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Archaeological department forgot by preserving historical heritage
संरक्षित पत्थर के नीचे का क्षतिग्रस्त हिस्सा। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। शहर से सटे गांव पैगंबरपुर व खानपुर गांव में बने मुगल कालीन ऐतिहासिक मील के पत्थरों को भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित इमारत घोषित करने के बाद लावारिस हालत में छोड़ दिया गया है। भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से नियमों से संबंधित लगाया गया बोर्ड भी गायब हो चुका है। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने इसकी सुध लेना भी जरूरी नहीं समझा। अनदेखी के चलते अराजकतत्व इन संरक्षित इमारतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिससे इनका अस्तित्व संकट में है।
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बाबरनामा के अनुसार, शहर से लगभग पांच किलोमीटर दूर बीहड़ी गांव पैगंबरपुर में मुगलकाल के दौरान दिल्ली जाते समय बाबर की फौज औरैया जिले की सीमा से होकर गुजरी थी। दिल्ली जाने के दौरान फौज जिस-जिस रास्ते से गुजरी, उसने उसी रास्ते से वापस लौटने के लिए चिह्न के रूप में मील के पत्थर बनवाए थे। जिससे वापस लौटते वक्त रास्ता न भूलें।
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जरूहौलिया में दो स्थानों पर और पैगंबरपुर गांव में एक स्तूप के आकार में स्थित है। जिसको भारतीय पुरातत्व विभाग विभाग ने संरक्षित इमारत का दर्जा देते हुए वहां पर एक चेतावनी बोर्ड भी लगवाया था। जिसमें संरक्षित इमारत के आसपास किसी भी प्रकार का निर्माण न कराने व संरक्षित इमारत को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने संबंधी नियम लिखे थे। अहम बात यह है कि इन मील के पत्थरों के संरक्षित इमारत घोषित किए आठ साल बीत चुके हैं।
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बावजूद इसके पुरातत्व विभाग ने आज तक इसकी सुध लेनी जरूरी नहीं समझा। अब संरक्षित इमारत के नीचे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। यही नहीं अराजकतत्वों ने संरक्षित इमारत के प्लास्टर पर तमाम उल जलूल बातें भी नोंकदार धातु से कुरेदकर लिख दिए हैं। ऐसे में यदि जल्द ही इस ओर ध्यान न दिया गया तो संरक्षित इमारत को सुरक्षित रख पाना मुश्किल होगा।

संरक्षित इमारत की जर्जर हालत के संबंध में पुरातत्व विभाग को पत्र लिखा जाएगा। इसके लिए एसडीएम को निर्देश दिए जा रहे हैं। पीसी श्रीवास्तव, जिलाधिकारी, औरैया।

भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित पत्थर के पास लगा बोर्ड गायब। संवाद

भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित पत्थर के पास लगा बोर्ड गायब। संवाद- फोटो : AURAIYA

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