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औरैयाः मंकी पॉक्स को लेकर अलर्ट, बाहर से आने वालों की कराई जाएगी जांच, सतर्क करने की सलाह

Wed, 27 Jul 2022 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Wed, 27 Jul 2022 12:10 AM IST
सार

बिधूना के एक गांव में महिला में मंकी पाक्स जैसे लक्षण मिलने के बाद से विभाग ने अलर्ट जारी किया है। हालांकि महिला की अभी रिपोर्ट नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग लखनऊ से जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है।

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Alert regarding monkey pox, those coming from outside will be investigated
मंकीपॉक्स वायरस - फोटो : Twitter@codebluenews

विस्तार

औरैया जिले में मंकी पॉक्स लेकर जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग आइसोलेशन वार्ड बनाने के साथ ही बाहर से आने वाले संदिग्धों की स्क्रीनिंग कराएगा। इसके लिए सीएमओ ने नोडल अधिकारी समेत सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि मंकी पॉक्स एक वायरस के संक्रमण है। लक्षण दिखने पर घबराएं नहीं। बल्कि उसका इलाज कराएं।
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बिधूना के एक गांव में महिला में मंकी पाक्स जैसे लक्षण मिलने के बाद से विभाग ने अलर्ट जारी किया है। हालांकि महिला की अभी रिपोर्ट नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग लखनऊ से जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। मंकी पॉक्स के बारे में जानकारी देते हुए सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि मंकी पॉक्स पशुजनित बीमारी है।
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प्रभावित देश व प्रदेश से जिले में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। साथ ही कुछ दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की टीम उनकी निगरानी भी करेगी। लक्षण प्रतीत होने पर इनके संपर्क में आए लोगों के नमूने लेकर जांच कराई जाएगी। बताया कि मंकी पॉक्स के लक्षण चेचक की तरह ही हैं। इसमें शुरुआत बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकावट के साथ-साथ शरीर में लाल दाने, छोटी-छोटी गांठे व घाव भी उभर आते हैं। मंकी पॉक्स के मरीजों के इलाज के लिए जिला अस्पताल व सीएचसी स्तर पर आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं।
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लक्षण
- तेज बुखार 
- मांसपेशियों में दर्द, जकड़न, कमजोरी महसूस होती है
- लिम्फ नोड्स (लसीका ग्रंथियों) में सूजन आने लगती है
- संक्रमण के पांच दिनों के अंदर  चेचक जैसे निशान आ जाते हैं
- रोगी को ठंड लगती है

जटिलताएं
सेकेंडरी संक्रमण, निमोनिया, सेप्सिस, इंसेफ्लाइटिस, कार्निया का संक्रमण

ऐसे फैलता है
- संक्रमित के घावों को छू ले और हाथ साफ न करे
- संक्रमित के बिस्तर पर लेट जाए 
- संक्रमित से यौन संबंध बनाए
- झींक से निकले थूक कण शरीर पर पड़ें और साफ न करें

बचाव
- संक्रमित व्यक्ति को अलग कमरे में रखें
- संक्रमित के संपर्क में आने पर हाथ अच्छी तरह साबुन से धोएं
- संक्रमित की इस्तेमाल की हुई सामग्री को न छुएं
- मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधान का पालन करें 
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बेवजह न जाएं
- तेज बुखार, चकत्ते आने पर तुरंत अस्पताल जाएं।   
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