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Auraiya News: अक़ीदत के साथ हुई अकबरुल मशाइख की सालाना फातिहा
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फफूंद। कस्बा की प्रसिद्ध खानकाह आस्ताना आलिया समदिया में हुज़ूर अकबरुल मशाइख़ की सालाना फातिहा अकीदत व एहतिमाम के साथ हुई। इसमें कस्बा क्षेत्र और दूर दराज आए हज़ारों अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंच कर ज़ियारत की और फातिहा में शामिल होकर अपनी नेकियों में इज़ाफ़ा किया।
बुधवार को कस्बा की खानकाह आस्ताना आलिया समदिया में हुज़ूर अकबरुल मशाइख सैयद शाह अकबर मियां चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की सालाना फातिहा का आयोजन खानकाह के सज्जादा नशीन सैयद अख्तर मियां चिश्ती की सरपरस्ती में बड़े ही अकीदत व एहतिमाम के साथ हुआ। जिसकी शुरुआत बाद नमाज़ जुहर कुरान ख्वानी से हुई। इसके बाद एक तकरीरी प्रोग्राम हुआ। जिसकी शुरुआत कुरान की तिलावत के साथ कि गई।
इसके बाद मुफ्ती अनफासुल हसन चिश्ती ने अपनी तकरीर के माध्यम से लोगों को अकबरुल मशाइख़ की जिंदगी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अकबरुल मशाइख़ ने अपनी पूरी जिंदगी में कदम कदम पर अल्लाह व उसके रसूल के बनाए हुए। शरीयत के मुताबिक़ गुज़ारी उन्होंने हर हर कदम पर अल्लाह के रसूल की शरीयत की पाबंदी की और लोगों को भी उस पर अमल करने की हिदायत फरमाई।
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असर की नमाज के बाद हुज़ूर अकबरुल मशाइख की फातिहा हुई। जिसमें हजारों अकीदतमंद और मुरीदों ने शिरकत कर अमन चैन की दुआएं मांगी। इस दौरान खानकाह आस्ताना आलिया के तमाम मियां हज़रात के अलावा कस्बा क्षेत्र तथा बाहर से आए हुए हजारों लोग मौजूद रहे। बाद नमाज मगरिब खानकाह की तरफ से बाहर से आए सभी लोगों को चिश्ती लंगर खिलाया गया साथ ही पीने के लिए गुलामाने अकबरुल मशायख की जानिब से चिश्ती सबील लगाकर शरबत और ठंडे पानी का इंतज़ाम भी किया गया।
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बुधवार को कस्बा की खानकाह आस्ताना आलिया समदिया में हुज़ूर अकबरुल मशाइख सैयद शाह अकबर मियां चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की सालाना फातिहा का आयोजन खानकाह के सज्जादा नशीन सैयद अख्तर मियां चिश्ती की सरपरस्ती में बड़े ही अकीदत व एहतिमाम के साथ हुआ। जिसकी शुरुआत बाद नमाज़ जुहर कुरान ख्वानी से हुई। इसके बाद एक तकरीरी प्रोग्राम हुआ। जिसकी शुरुआत कुरान की तिलावत के साथ कि गई।
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इसके बाद मुफ्ती अनफासुल हसन चिश्ती ने अपनी तकरीर के माध्यम से लोगों को अकबरुल मशाइख़ की जिंदगी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अकबरुल मशाइख़ ने अपनी पूरी जिंदगी में कदम कदम पर अल्लाह व उसके रसूल के बनाए हुए। शरीयत के मुताबिक़ गुज़ारी उन्होंने हर हर कदम पर अल्लाह के रसूल की शरीयत की पाबंदी की और लोगों को भी उस पर अमल करने की हिदायत फरमाई।
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असर की नमाज के बाद हुज़ूर अकबरुल मशाइख की फातिहा हुई। जिसमें हजारों अकीदतमंद और मुरीदों ने शिरकत कर अमन चैन की दुआएं मांगी। इस दौरान खानकाह आस्ताना आलिया के तमाम मियां हज़रात के अलावा कस्बा क्षेत्र तथा बाहर से आए हुए हजारों लोग मौजूद रहे। बाद नमाज मगरिब खानकाह की तरफ से बाहर से आए सभी लोगों को चिश्ती लंगर खिलाया गया साथ ही पीने के लिए गुलामाने अकबरुल मशायख की जानिब से चिश्ती सबील लगाकर शरबत और ठंडे पानी का इंतज़ाम भी किया गया।