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कार्रवाई से बचने के लिए किसान रात के समय जला रहे पराली

Thu, 14 Nov 2019 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2019 12:24 AM IST
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agriculture
रुरुगंज (औरैया)। बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रण में करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा पराली जलाने पर रोक लगाई है। जिला प्रशासन भी इस मामले को लेकर सतर्क है। कोर्ट के आदेश को हवा में उड़ाते हुए किसान रात के समय पराली जला रहे हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रण में करना का उद्देश्य जिले में सफल होता नहीं दिख रहा है।
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गौरतलब है कि बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार और सुप्रीम कोर्ट सख्त हो चुकी है। कोर्ट ने जहां पराली जलाने पर रोक लगाने और शासन ने पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके लिए जिला प्रशासन को चेतावनी भी शासन से मिली है। जिले के अधिकारी टीम बनाकर क्षेत्र में पराली जलाने को लेकर सर्तक हैं। क्षेत्र के किसान आज भी पराली जलाकर पर्यावरण को दूषित कर रहे है। रुरुगंज क्षेत्र में कोर्ट के आदेश की धज्जियां किसान उड़ा रहे हैं।
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जिला प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई से बचने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के किसानों द्वारा रात के समय बेधड़क होकर पराली जलाई जा रही है। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र के ग्राम पुरवा भारमल, पुरवा नया, पुरवा मुनुसाह, चंदिया आदि गांवों में खेतों में पराली जलती देखी गई है। लेकिन कार्रवाई न होने से किसानों के हौसले बुलंद हो चुके है। इसके चलते किसान पराली जलाने के लिए रात का समय चुन रहे हैं। किसानों को दिन के समय पराली जलाने से कार्रवाई का खतरा बना हुआ है। रात के समय पराली जलाकर कार्रवाई से बच रहे हैं। रात के समय पराली जलाने से दिनों दिन प्रदूषण का खतरा बढ़ता जा रहा है।
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