फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   agricultura

प्लास्टिक सिटी से प्रभावित किसानों ने भी प्रदर्शंन कर मांगा अपना हक

Tue, 19 Nov 2019 12:54 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2019 12:54 AM IST
विज्ञापन
agricultura
कंचौसी (औरैया)। प्लास्टिक सिटी परियोजना में जमीन अधिग्रहण के मामले में नए सर्किल रेट से मुआवजा की मांग को लेकर किसानों ने सोमवार को किसान संघर्ष समिति के बैनरतले परियोजना परिसर के पास विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि इस मसले को लेकर अब बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
विज्ञापन

प्लास्टिक सिटी परियोजना अधिगृहीत जमीन के मुआवजे का पेंच फंसने से करीब डेढ़ दशक से अधर में लटकी है। किसानों का आरोप है कि यूपीएसआईडीसी जमीन अधिग्रहण करने के बाद उनको मांग के अनुरूप मुआवजा नहीं दे रही है। सोमवार को किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह राजपूत की अगुवाई में प्रभावित किसानों ने परियोजना परिसर के पास पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

इस दौरान किसानों ने कहा है कि यूपीएसआईडीसी ने वर्ष 2003 में किसानों से भूमि का बैनामा कराया था, लेकिन जब उचित मुआवजा मांगा गया तो कार्यदायी संस्था ने उन्हें पुराने रेट से मुआवजा दिया। जबकि किसानों की नए सर्किल रेट से मुआवजा और नौकरी की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

संघर्ष समिति के ओंकार सिंह राजपूत ने बताया कि प्लास्टिक सिटी परियोजना में 341 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसमें लखनपुर, उसरारी, करोड़े पुरवा, लुखड़पुरा, हंसेपुर्वा, चमरौआ, प्रतापपुर, सुजानपुर सहित आठ गांवों के किसानों की जमीनें हैं, जिसमें 618 किसान प्रभावित हुए थे। 118 किसान न्यायालय चले गए। उनका आरोप है कि यूपीएसआईडीसी ने छल कर कुछ किसानों को अधिक रेट 44 हजार तो कुछ किसानों को 65 हजार तथा समझौते के बाद 1.25 लाख रुपये के हिसाब से भुगतान किया। विशेष सिफारिश पर कुछ किसानों को 1.65 लाख रुपये के हिसाब से भुगतान किया गया।
किसानों का कहना है कि परियोजना के लिए खरीदी गई भूमि पर प्रॉपर्टी डीलर का कार्य किया गया है। केवल 218 किसानों का भुगतान किया गया। लेकिन मांग के अनुसार सर्किल रेट से चार गुना भुगतान नहीं किया गया। इस परियोजना के अंतर्गत 90 किसान भूमिहीन हो गए। 110 किसान दुनिया छोड़कर चले गए।

किसानों का यह भी कहना है कि जमीन का अधिग्रहण बिना उनकी अनुमति से किया गया। इनमें से 20 किसान ऐसे हैं जिनको अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। प्रदर्शन के दौरान वीरेंद्र सिंह राजपूत, शोभा सिंह, सुघर सिंह, प्रेमदास, महेंद्र सिंह कमल, रामौतार सिंह, जिलेदार कुशवाह, नरेश राजपूत, मोहर सिंह, नाथूराम, रामरतन, जयराम, लाखन सिंह, ज्ञान सिंह, करन सिंह, मुरली व सुनील आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed