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Auraiya News: पांच साल बाद माह-ए-रमजान में होंगे पांच जुमा
Mon, 20 Mar 2023 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 20 Mar 2023 12:18 AM IST
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औरैया। पांच साल के बाद इस बार भी मुकद्दस रमजान के पाक महीने में पांच जुमा होंगे। इससे रोजेदारों के इबादतों के दायरों में इजाफा होगा। रमजान के महीने का पहला जुमा 24 मार्च और आखिरी जुमा 21 अप्रैल को होगा। इससे पहले साल 2018 में भी रमजान के महीने में पांच जुमा ही पड़े थे।
चांद के दीदार के मुताबिक 23 अथवा 24 मार्च को मुकद्दस रमजान का पाक महीना शुरू होगा। रमजान के पहले दिन से ही रोजा, नमाज, इबादत और तरावीह का सिलसिला शुरू हो जाएगा। रमजान के महीने में सवाब (पुण्य) का दर्जा 70 गुना होता है। जिससे हर मोमिन अधिक से अधिक समय इबादतों में गुजारना पसंद करता है। इस्लामी मान्यता के अनुसार जुमा के दिन को बाकी दिनों का सरदार कहा जाता है। जिसके चलते जुमा में शहर के अधिकांश मस्जिदों में नमाजियों की संख्या अधिक होती है। इस साल रमजान के महीने में पांच जुमा पड़ने पर रोजेदारों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। रमजान के महीने में पहला जुमा 24, दूसरा 31 मार्च को होगा। तीसरा सात मार्च, चौथा 14 मार्च व पांचवां 21 अप्रैल को जुमा होगा।
रमजान का दिन बड़ी ही रहमतों और बरकतों का दिन होता है। इस महीने में सवाब का दर्जा 70 गुना हो जाता है। रमजानुल मुबारक में जुमा का दिन बड़ा खास हो जाता है। - हाफिज मोहम्मद सोहेब चिश्ती, जामा मस्जिद, औरैया
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जुमा सभी दिनों का सरदार होता है। इसके अलावा जुमा के दिन को गरीबों के हज का दिन भी कहा जाता है। रमजान के दिनों में हर किसी के लिए जुमा की अहमियत काफी बढ़ जाती है। - हाफिज मुहम्मद गुलजार अहमद, जमालशाह
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चांद के दीदार के मुताबिक 23 अथवा 24 मार्च को मुकद्दस रमजान का पाक महीना शुरू होगा। रमजान के पहले दिन से ही रोजा, नमाज, इबादत और तरावीह का सिलसिला शुरू हो जाएगा। रमजान के महीने में सवाब (पुण्य) का दर्जा 70 गुना होता है। जिससे हर मोमिन अधिक से अधिक समय इबादतों में गुजारना पसंद करता है। इस्लामी मान्यता के अनुसार जुमा के दिन को बाकी दिनों का सरदार कहा जाता है। जिसके चलते जुमा में शहर के अधिकांश मस्जिदों में नमाजियों की संख्या अधिक होती है। इस साल रमजान के महीने में पांच जुमा पड़ने पर रोजेदारों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। रमजान के महीने में पहला जुमा 24, दूसरा 31 मार्च को होगा। तीसरा सात मार्च, चौथा 14 मार्च व पांचवां 21 अप्रैल को जुमा होगा।
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रमजान का दिन बड़ी ही रहमतों और बरकतों का दिन होता है। इस महीने में सवाब का दर्जा 70 गुना हो जाता है। रमजानुल मुबारक में जुमा का दिन बड़ा खास हो जाता है। - हाफिज मोहम्मद सोहेब चिश्ती, जामा मस्जिद, औरैया
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जुमा सभी दिनों का सरदार होता है। इसके अलावा जुमा के दिन को गरीबों के हज का दिन भी कहा जाता है। रमजान के दिनों में हर किसी के लिए जुमा की अहमियत काफी बढ़ जाती है। - हाफिज मुहम्मद गुलजार अहमद, जमालशाह