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Auraiya News: औरैयाः डीएपी की आपूर्ति करने में प्रशासन बेबस, परेशानी
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रुरुगंज स्थित इफ्को के केंद्र के बाहर लगी किसानों की भीड़। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। जिला प्रशासन रबी सीजन में डीएपी की आपूर्ति करने में बेबस है। जिले में खाद की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। कालाबाजारी करने वाले इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं। किसान खाद के लिए भटक रहा है।
जिले के औरैया, अजीतमल व बिधूना तहसील क्षेत्र में 65 सहकारी समिति संचालित हो रही हैं। इसके अलावा कृषि विभाग से पंजीकृत खाद की 700 दुकानों में बमुश्किल 150 दुकानें क्रियाशील हैं। ऐसी स्थिति में खाद के लिए मारामारी मची है।
जिले में इस बार एक लाख 29 हजार 337 हेक्टेयर में रबी फसल की बुआई की जानी है। जिसमें अब तक करीब 84,496 हेक्टेयर ही बुआई हो चुकी है। गेहूं बुआई के लिए किसान पिछले दस दिनों से खाद के लिए भटक रहे हैं। समितियों पर आवश्यकता के हिसाब से खाद उपलब्ध न होने से स्थिति खराब बनी है।
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आलम यह है कि पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण कराया जा रहा है। सुबह से किसान समितियों पर खाद के लिए खड़े देखे जा रहे हैं। कहीं-कहीं तो खाद को लेकर हंगामे की नौबत भी आ रही है। किसानों का आरोप है कि चहेतों को मनमाने ढंग से खाद दी जा रही है।
गुरुवार को रुरुगंज कस्बे के इफ्को केंद्र पर डीएपी के वितरण धांधली का आरोप लगा किसानों ने हंगामा किया। किसानों का आरोप है यहां पर निर्धारित मूल्य से अधिक पर खाद का वितरित की जा रही है। साधन सहकारी समिति अछल्दा में पिछले दो दिनों से खाद न होने से सन्नाटा पसरा रहा है। यहां पहुंचे किसान समिति बंद देख लौट गए।
बुधवार की शाम कंचौसी साधन सहकारी समिति पर डीएपी खाद आने की खबर से क्षेत्र के गांव जमौली, कंचौसी बिहारीपुर, साहपुर, पुरवा प्रसाद, हीरानगर, रोशनपुर आदि के किसान बड़ी संख्या में सुबह से एकत्रित हो गए। देर से व कम खाद मिलने पर किसान भड़क गए। जिससे वितरण बंद हो गया।
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि रबी सीजन में 23500 मीट्रिक टन डीएपी के सापेक्ष 16000 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण किया जा चुका है। गुरुवार को 300 मीट्रिक टन डीएपी 12 दुकानों पर पहुंचाई गई है। जिनका सत्यापन भी कराया जाएगा।
डीएपी की किल्लत से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए दो से तीन दिन के अंदर चंबल की 1500 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध होने की संभावना है। जबकि इफ्को की 2000 मीट्रिक टन खाद की डिमांड और शासन से की गई है।
बोले किसान
गांव राठा के किसान लाल जी सेंगर ने बताया कि समितियों के कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। मजबूरी में 1600 रुपये में डीएपी खाद खरीदी है। प्रशासन भले ही दावे कर रहा हो पर जिले से चहेती समितियों को अधिक आवंटन किया जा रहा है। सेऊपुर के किसान देवदत्त ने बताया कि दो दिनों से खाद के लिए सहकारी समितियों पर घूम रहे हैं पर खाद की एक बोरी मुहैया नहीं है। गेहूं की बुआई में विलंब हो रहा है। समय से खाद न मिलने पर फसल प्रभावित होगी।
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जिले के औरैया, अजीतमल व बिधूना तहसील क्षेत्र में 65 सहकारी समिति संचालित हो रही हैं। इसके अलावा कृषि विभाग से पंजीकृत खाद की 700 दुकानों में बमुश्किल 150 दुकानें क्रियाशील हैं। ऐसी स्थिति में खाद के लिए मारामारी मची है।
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जिले में इस बार एक लाख 29 हजार 337 हेक्टेयर में रबी फसल की बुआई की जानी है। जिसमें अब तक करीब 84,496 हेक्टेयर ही बुआई हो चुकी है। गेहूं बुआई के लिए किसान पिछले दस दिनों से खाद के लिए भटक रहे हैं। समितियों पर आवश्यकता के हिसाब से खाद उपलब्ध न होने से स्थिति खराब बनी है।
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आलम यह है कि पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण कराया जा रहा है। सुबह से किसान समितियों पर खाद के लिए खड़े देखे जा रहे हैं। कहीं-कहीं तो खाद को लेकर हंगामे की नौबत भी आ रही है। किसानों का आरोप है कि चहेतों को मनमाने ढंग से खाद दी जा रही है।
गुरुवार को रुरुगंज कस्बे के इफ्को केंद्र पर डीएपी के वितरण धांधली का आरोप लगा किसानों ने हंगामा किया। किसानों का आरोप है यहां पर निर्धारित मूल्य से अधिक पर खाद का वितरित की जा रही है। साधन सहकारी समिति अछल्दा में पिछले दो दिनों से खाद न होने से सन्नाटा पसरा रहा है। यहां पहुंचे किसान समिति बंद देख लौट गए।
बुधवार की शाम कंचौसी साधन सहकारी समिति पर डीएपी खाद आने की खबर से क्षेत्र के गांव जमौली, कंचौसी बिहारीपुर, साहपुर, पुरवा प्रसाद, हीरानगर, रोशनपुर आदि के किसान बड़ी संख्या में सुबह से एकत्रित हो गए। देर से व कम खाद मिलने पर किसान भड़क गए। जिससे वितरण बंद हो गया।
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि रबी सीजन में 23500 मीट्रिक टन डीएपी के सापेक्ष 16000 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण किया जा चुका है। गुरुवार को 300 मीट्रिक टन डीएपी 12 दुकानों पर पहुंचाई गई है। जिनका सत्यापन भी कराया जाएगा।
डीएपी की किल्लत से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए दो से तीन दिन के अंदर चंबल की 1500 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध होने की संभावना है। जबकि इफ्को की 2000 मीट्रिक टन खाद की डिमांड और शासन से की गई है।
बोले किसान
गांव राठा के किसान लाल जी सेंगर ने बताया कि समितियों के कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। मजबूरी में 1600 रुपये में डीएपी खाद खरीदी है। प्रशासन भले ही दावे कर रहा हो पर जिले से चहेती समितियों को अधिक आवंटन किया जा रहा है। सेऊपुर के किसान देवदत्त ने बताया कि दो दिनों से खाद के लिए सहकारी समितियों पर घूम रहे हैं पर खाद की एक बोरी मुहैया नहीं है। गेहूं की बुआई में विलंब हो रहा है। समय से खाद न मिलने पर फसल प्रभावित होगी।

साधन सहकारी समिति कंचौसी पर जुटी किसानों की भीड़। संवाद- फोटो : AURAIYA