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Auraiya News: चलती ट्रेन में सवार होने की कोशिश में दरोगा का पैर फिसला, मौत
Sat, 21 Mar 2026 11:34 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 21 Mar 2026 11:34 PM IST
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दारोगा सूरज बली
दिबियापुर (औरैया)। फफूंद रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर एक दरोगा की चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान पैर फिसलने से गिरकर मौत हो गई। हादसा स्टेशन से गुजर रही नॉन स्टॉप नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस में सवार होने की कोशिश में हुआ। पुलिस ने परिजन को घटना की सूचना दी है।
मूल रूप से बांदा जिले के गांव उमरखा मरका निवासी दरोगा सूरज बली (48) शहर स्थित जिला न्यायालय में तैनात थे। वह दिबियापुर में किराये पर घर लेकर रहते थे। यहीं से वह ड्यूटी करने जाते थे। शनिवार की दोपहर छुट्टी मिलने के बाद घर जाने के लिए फफूंद रेलवे स्टेशन पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्टेशन से नॉन स्टॉप नार्थ ईस्ट काॅशन के चलते 20 किलोमीटर प्रति घंटा से गुजर रही थी। इसी दौरान दरोगा ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की, जिससे उनका पैर फिसल गया और वह प्लेटफार्म पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
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इस दौरान पास खड़े एक सफाईकर्मी ने उन्हें खींचकर बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आ चुकी थीं। पुलिस घायल दरोगा को एंबुलेंस की मदद से कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर ले गई। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायन त्रिपाठी ने बताया कि दरोगा की मौत की जानकारी परिजन को दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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मूल रूप से बांदा जिले के गांव उमरखा मरका निवासी दरोगा सूरज बली (48) शहर स्थित जिला न्यायालय में तैनात थे। वह दिबियापुर में किराये पर घर लेकर रहते थे। यहीं से वह ड्यूटी करने जाते थे। शनिवार की दोपहर छुट्टी मिलने के बाद घर जाने के लिए फफूंद रेलवे स्टेशन पहुंचे।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्टेशन से नॉन स्टॉप नार्थ ईस्ट काॅशन के चलते 20 किलोमीटर प्रति घंटा से गुजर रही थी। इसी दौरान दरोगा ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की, जिससे उनका पैर फिसल गया और वह प्लेटफार्म पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
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इस दौरान पास खड़े एक सफाईकर्मी ने उन्हें खींचकर बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आ चुकी थीं। पुलिस घायल दरोगा को एंबुलेंस की मदद से कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर ले गई। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायन त्रिपाठी ने बताया कि दरोगा की मौत की जानकारी परिजन को दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।