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Auraiya News: मिट्टी खोद रही महिला पर गिरा टीला, चली गई जान
Tue, 30 Dec 2025 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 30 Dec 2025 12:18 AM IST
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फोटो-12- मिथलेश। फाइल फोटो
- फोटो : एमएलसी विजय अटल स्मृति सम्मेलन को संबोधित करते हुए। स्रोतः भाजपा
अयाना (औरैया)। थाना क्षेत्र के गांव कोठी दासपुर में सोमवार सुबह गांव के बाहर पीली मिट्टी खोदने के दौरान एक टीला ढह गया। इससे नये साल पर रंग-रोगन के लिए मिट्टी खोद रही महिला टीले के नीचे दब गई, हादसे में उसकी मौत हो गई।
पास में मौजूद पड़ोसी की बेटी के शोर मचाने पर लोग वहां पहुंचे, उन्होंने मलबे में दबी महिला को बाहर निकाला। कोठी दासपुर निवासी बहादुर सिंह ने बताया कि बेटी मिथलेश कुमारी (40) की शादी कानपुर देहात स्थित थाना मंगलपुर के गांव अलियापुर निवासी संजय कुमार के साथ हुई थी। करीब 20 साल से बेटी अपने पुत्र सनी (18) व शांतनु (16) के साथ पति से अलग मायके में ही रह रही थी। पति ससुराल आते-जाते रहते थे।
दो माह पहले ही ससुराल में उनकी मौत हो गई थी। नये साल को लेकर घर का रंग-रोगन करने के लिए मिथलेश सोमवार सुबह आठ बजे छोटे बेटे शांतनु व पड़ोसी चरण सिंह की बेटी वंदना के साथ गांव से करीब एक किलोमीटर दूर पीली मिट्टी खोदने गई थीं।
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उन्होंने बताया कि एक बोरी मिट्टी खोदने के बाद बेटे शांतनु को मिट्टी रखने के लिए उसने घर भेज दिया। करीब एक घंटे बाद खोदने के दौरान मिट्टी टीला ढहकर उसके ऊपर गिर गया। यह देख पास मौजूद वंदना के शोर मचाया। इसी दौरान खेतों पर काम कर रहे किसान दौड़कर मौके पर पहुंचे। आधे घंटे की मशक्कत के बाद मलबे में दबी मिथलेश को बाहर निकला, लेकिन इससे पहले उसकी मौत हो चुकी थी।
हादसे की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष अजय कुमार ने मौके पर जांच की। हादसे की जानकारी तहसील के अधिकारी को दी। लेखपाल अभिषेक कुमार ने जांच के बाद रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंपी है। थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
दो माह में अनाथ हो गए सनी व शांतनु
मिथलेश कुमारी की मौत पर उसके बेटे सनी व शांतनु का रो-रो कर बेहाल हैं। पिता बहादुर सिंह ने बताया कि दामाद संजय कुमार दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते थे। कुछ माह पहले गंभीर बीमारी से ग्रसित हो जाने पर वह भी कोठी दासपुर में आकर रहने लगे थे। दो माह पहले उनकी बीमारी के चलते मौत हो गई थी और अब बेटी की मौत से दोनों नाती अनाथ हो गए हैं।
गहराई तक मिट्टी खोदने के दौरान हादसा
बीहड़ पट्टी के गांवों में आज भी कई लोग कच्चे मकानों में निवास कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों के मकानों का कुछ हिस्सा कच्चा है। कच्चे घरों की रंगाई-पुताई में लोग बीहड़ क्षेत्र में मिलने वाली पीली मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं। अच्छी मिट्टी की तलाश में लोग टीले के नीचे गहराई तक खोदाई कर मिट्टी निकालते हैं। ऐसा करने में टीला धंसने से हादसे हो जाते हैं।
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पास में मौजूद पड़ोसी की बेटी के शोर मचाने पर लोग वहां पहुंचे, उन्होंने मलबे में दबी महिला को बाहर निकाला। कोठी दासपुर निवासी बहादुर सिंह ने बताया कि बेटी मिथलेश कुमारी (40) की शादी कानपुर देहात स्थित थाना मंगलपुर के गांव अलियापुर निवासी संजय कुमार के साथ हुई थी। करीब 20 साल से बेटी अपने पुत्र सनी (18) व शांतनु (16) के साथ पति से अलग मायके में ही रह रही थी। पति ससुराल आते-जाते रहते थे।
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दो माह पहले ही ससुराल में उनकी मौत हो गई थी। नये साल को लेकर घर का रंग-रोगन करने के लिए मिथलेश सोमवार सुबह आठ बजे छोटे बेटे शांतनु व पड़ोसी चरण सिंह की बेटी वंदना के साथ गांव से करीब एक किलोमीटर दूर पीली मिट्टी खोदने गई थीं।
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उन्होंने बताया कि एक बोरी मिट्टी खोदने के बाद बेटे शांतनु को मिट्टी रखने के लिए उसने घर भेज दिया। करीब एक घंटे बाद खोदने के दौरान मिट्टी टीला ढहकर उसके ऊपर गिर गया। यह देख पास मौजूद वंदना के शोर मचाया। इसी दौरान खेतों पर काम कर रहे किसान दौड़कर मौके पर पहुंचे। आधे घंटे की मशक्कत के बाद मलबे में दबी मिथलेश को बाहर निकला, लेकिन इससे पहले उसकी मौत हो चुकी थी।
हादसे की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष अजय कुमार ने मौके पर जांच की। हादसे की जानकारी तहसील के अधिकारी को दी। लेखपाल अभिषेक कुमार ने जांच के बाद रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंपी है। थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
दो माह में अनाथ हो गए सनी व शांतनु
मिथलेश कुमारी की मौत पर उसके बेटे सनी व शांतनु का रो-रो कर बेहाल हैं। पिता बहादुर सिंह ने बताया कि दामाद संजय कुमार दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते थे। कुछ माह पहले गंभीर बीमारी से ग्रसित हो जाने पर वह भी कोठी दासपुर में आकर रहने लगे थे। दो माह पहले उनकी बीमारी के चलते मौत हो गई थी और अब बेटी की मौत से दोनों नाती अनाथ हो गए हैं।
गहराई तक मिट्टी खोदने के दौरान हादसा
बीहड़ पट्टी के गांवों में आज भी कई लोग कच्चे मकानों में निवास कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों के मकानों का कुछ हिस्सा कच्चा है। कच्चे घरों की रंगाई-पुताई में लोग बीहड़ क्षेत्र में मिलने वाली पीली मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं। अच्छी मिट्टी की तलाश में लोग टीले के नीचे गहराई तक खोदाई कर मिट्टी निकालते हैं। ऐसा करने में टीला धंसने से हादसे हो जाते हैं।

फोटो-12- मिथलेश। फाइल फोटो- फोटो : एमएलसी विजय अटल स्मृति सम्मेलन को संबोधित करते हुए। स्रोतः भाजपा