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दो साल में ही उजड़ गया हंसता खेलता परिवार
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घर के बाहर मौजूद गमगीन परिजन व ग्रामीण। संवाद
- फोटो : AURAIYA
मुरादगंज। पूठा गांव में मोहिनी और अमन की मौत के बाद हर कोई गमगीन दिखा। मां सुशीला बदहवाश हालात में दहाड़े मारती दिखीं और कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ गई जिस पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। गांव के लोग यह चर्चा करते नजर कि हंसता खेलता परिवार दो साल में ही उजड़ गया।
पिता रमाकांत की दो वर्ष पहले सड़के हादसे में मौत हुई तो परिवार की जिम्मेदारी पत्नी सुशीला पर आ गई थी। घर पर दो बेटे अभिषेक और अमन के साथ बेटी मोहिनी की परवरिश की जिम्मेदारी थी। सब कुछ ठीक हुआ तो एक साल बाद बेटे अभिषेक ने अकारण फांसी लगा ली। इसके बाद से घर बिखर सा गया।
अमन फरीदाबाद में रहकर नौकरी करने लगा और मां बेटी घर पर रही थी। मोहिनी की मौत के बाद जब अमन के फांसी लगाने की खबर मिली तो हर कोई चौंक उठा। किसी को भरोसा नहीं हो रहा था। देर शाम दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो हर को परिवार के दो साल में उजड़ जाने की चर्चा करता रहा। हालांकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
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पिता रमाकांत की दो वर्ष पहले सड़के हादसे में मौत हुई तो परिवार की जिम्मेदारी पत्नी सुशीला पर आ गई थी। घर पर दो बेटे अभिषेक और अमन के साथ बेटी मोहिनी की परवरिश की जिम्मेदारी थी। सब कुछ ठीक हुआ तो एक साल बाद बेटे अभिषेक ने अकारण फांसी लगा ली। इसके बाद से घर बिखर सा गया।
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अमन फरीदाबाद में रहकर नौकरी करने लगा और मां बेटी घर पर रही थी। मोहिनी की मौत के बाद जब अमन के फांसी लगाने की खबर मिली तो हर कोई चौंक उठा। किसी को भरोसा नहीं हो रहा था। देर शाम दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो हर को परिवार के दो साल में उजड़ जाने की चर्चा करता रहा। हालांकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
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