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Auraiya News: पिता की डांट से नाराज सात साल की बच्ची ट्रेन से कटकर जान देने पहुंची

Wed, 16 Jul 2025 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Wed, 16 Jul 2025 12:10 AM IST
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A 7 year old girl, angry with her father's scolding, tried to commit suicide by jumping in front of a train
बिधूना (औरैया)। पिता के मारपीट करने व हाथ-पैर बांधकर कमरे में बंद करने से आहत सात साल की बच्ची आत्महत्या करने के लिए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई।
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समय पर पुलिस ने स्थानीय लोगों ने बच्ची को खींच लिया। इससे उसकी जान बच गई। रो रही बच्ची को पुलिस उसे थाने ले गई और पिता को बुलाकर पूछताछ की।

फफूंद थाना क्षेत्र के गांव खजुरियन का पुर्वा निवासी युवक की बेटी (7) मंगलवार सुबह आठ बजे अछल्दा डीएफसी लाइन पर ट्रेन से कटने की कोशिश में ट्रैक पर चल रही थी। तभी युवक राहुल व मोहर सिंह राजपूत की नजर उस पर पड़ी।
उन्होंने तुरंत 112 पीआरवी को सूचना दी। तुरंत मौके पर पहुंचे कांस्टेबल राजकुमार और रामकिशोर ने दोनों की मदद से बच्ची को ट्रैक से हटाकर उसकी जान बचाई। इसके बाद उसे अछल्दा थाने ले गए।
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पूछताछ में बच्ची ने आरोप लगाया कि वह सुबह घर से निकली थी। वह ट्रेन से कटने जा रही थी। तीन दिन से पापा उसे मारते हैं। कल छत से धक्का दे दिया और फिर हाथ-पैर बांधकर कमरे में बंद कर दिया। मौका पाकर वह घर से भाग निकली थी। अब वह घर नहीं जाना चाहती। परिजनों ने बताया कि परिवार में दो लड़के और तीन बेटियां हैं। बच्ची उसमें से दूसरे नंबर की संतान है।
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वहीं, थाने में बच्ची की आपबीती सुनकर सभी लोग स्तब्ध रह गए। बताया कि पिता की आर्थिक हालत अच्छी नही है। अछल्दा थानाध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि एक बच्ची आई थी। उसके पिता भी आए थे। बताया कि बच्ची पिता के डांटने पर घर से निकल आई थी। बच्ची को परिजनों को सौंप दिया गया है।
पिता ने बच्ची को युवक को सौंपा

बिधूना (औरैया)। गरीबी के चलते पिता ने बच्ची को एक व्यक्ति को सौंप दिया। आसपास के लोगों की मौजूदगी में बच्ची के पिता ने एक प्रार्थना पत्र पुलिस को लिखकर दिया कि उसने अपनी पुत्री को भरण पोषण के लिए स्वेच्छा से बजरंग नगर के युवक को सौंप दिया है। उसने लिखा है कि अब उसका बेटी पर अधिकार नहीं है।




बिना संस्तुति बच्ची को नहीं दे सकता पिता

कागज पर लिखकर नाबालिग को दूसरे को देना गलत है। बाल कल्याण समिति की संस्तुति के बिना बच्ची को दूसरे को नहीं दिया जा सकता है। उसे देने से पहले कानूनी प्रक्रिया अपनाना जरूरी है। शिकायत आने पर मामले की जांच कर जरूरी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

-रीना चौहान, बाल संरक्षण अधिकारी, औरैया
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