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सुरक्षित नहीं हैं मछलियां

Sat, 09 Mar 2013 05:32 AM IST
Auraiya
Auraiya Updated Sat, 09 Mar 2013 05:32 AM IST
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dlअमर उजाला ब्यूरो
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मुरादगंज(औरैया)। चंबल राष्ट्रीय सेंचुरी क्षेत्र है और यहां प्रतिबंध के बावजूद मछलियों का शिकार जारी है। शाम पांच बजे के बाद ही शिकारी डोगी के सहारे शिकार को अंजाम दे रहे हैं। इसके बाद बडे़ पैमाने पर ये मछलियां कानपुर और दिल्ली सप्लाई की जा रही है। इधर, आला अधिकारी जानकारी नहीं होने की बात कह कर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
भरेह से लेकर जुहीखा तक फैले चंबल सेंचुरी का क्षेत्र किसी भी प्रकार के शिकार के लिए प्रतिबंधित है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि चंबल में डाल्फिन मछली, घड़ियाल तथा मगरमच्छ विचरण करते हैं। शिकारियों के जाल में फंसने से जलीय जीवों को नुकसान पहुंचता है। जलीय जीवों के संरक्षण को देखते हुए इस क्षेत्र को प्रतिबंधित किया गया है। इसके बाद भी शिकारी हरकतों से बाज नहीं आते। स्थानीय लोगों की मानें तो मछुआरे डोगियों के सहारे चंबल नदी में शिकार करते हैं। इस क्षेत्र में से प्रतिदिन 10 से 20 बोरे भरकर मछलियां ले जाते हैं। वाहनों के माध्यम से जुहीखा, सिकरोड़ी, बीजलपुर आदि मार्गों से होते हुए मछलियों को कानपुर दिल्ली के लिए भेजा जाता है। यह कार्य शाम 5 बजे के बाद से किया जाता है। शिकारी अपना काम बहुत होशियारी से करते हैं। पकड़ी गई मछलियों को बोरियों में भरकर रेत में गड्ढा बनाकर छिपा दिया जाता है। शाम को बोरियां निकालकर मछलियों को बाहर भेज दिया जाता है।
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क्या है राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी
सन् 1978 और 1979 में भारत सरकार ने एक विशेष अधिसूचना जारी कर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में फैले चंबल के लगभग 2100 वर्ग मील क्षेत्रफल को चंबल सेंचुरी का इलाका घोषित किया गया है। चंबल नदी में घड़ियाल, मगरमच्छ और डाल्फिन के संरक्षण की योजनाएं चलाई जाती हैं। यही कारण है कि यहंा किसी प्रकार का शिकार पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
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क्या है नियम
a चंबल सेंचुरी के निर्धारित इलाके में किसी तरह के शिकार, खनन, पानी की व्यवसायिक निकासी पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। रेत में घड़ियाल और मगरमच्छ के अंडे होने के कारण यहां रेत के खनन पर भी प्रतिबंध है।

a नियमों का उल्लंघन होने पर अधिनियम के मुताबिक तीन वर्ष की सजा और जुर्माना का प्रावधान है।
a ऐसी गतिविधियों पर रोक के लिए लगातार पेट्रोलिंग करने का भी नियम है।
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अवैध शिकार नहीं होने देंगे
सीओ अजीतमल शिवराज सिंह का कहना है कि सेंचुरी क्षेत्र में स्थित थानों की पुलिस बराबर चेकिंग करती रहती ंहै। उनके पास अवैध शिकार करने जैसी अभी कोई जानकारी नहीं आई है। पुलिस जांच करेगी। अवैध शिकार किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
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