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क्रांतिकारी पं. गेंदालाल को दी गई श्रद्धांजलि
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:01 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। भारत प्रेरणा मंच के तत्वावधान में जंग-ए-आजादी के नायक पं. गेंदालाल दीक्षित की 97वीं पुण्यतिथि मनाई गई। पं. गेंदालाल दीक्षित चौराहा में स्थापित उनकी प्रतिमा पर समाजसेवी लाल जी शुक्ला ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके सपने को साकार करने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा में भारत प्रेरणा मंच के महासचिव अविनाश अग्निहोत्री ने बताया कि पं. गेंदालाल दीक्षित का जन्म 30 नवंबर 1888 को आगरा के वाह तहसील के मई गांव में हुआ था। उन्होंने औरैया के तत्कालीन झनी विद्यालय वर्तमान में तिलक इंटर कालेज औरैया में शिक्षक के रूप में कार्य किया था। सन् 1916 में देश को विदेशी दास्तां से मुक्त कराने के लिए औरैया की धरती पर मातृवेदी संस्था का गठन कर अंग्रेजों के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया। उनके दल ने उत्तर प्रदेश के हस्तखांत थाने पर हमलाकर 21 अंग्रेज सिपाहियों को मौत के घाट उतार दिया।
आखिरकार अंग्रेजों ने उनको जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिये पांच लाख इनाम घोषित किया। शहीद ए आजम भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, भारतवीर मुकुंदीलाल गुप्त, अशफाक उल्ला खां सहित सभी क्रांतिकारियों ने इनको अपना गुुरु मानते हुए द्रोणाचार्य की उपाधि दी थी। देश की आजादी के लिए आंदोलन को दिल्ली में सक्रिय करने के लिये छद्म वेश में कार्य करते हुये 21 दिसंबर 1920 को दिल्ली के एक अस्पताल में गंभीर बीमारी से इनका स्वर्गवास हो गया।
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समाजसेवी लालजी शुक्ल ने कहा कि नगर पालिका परिषद औरैया सदैव शहीदों और क्रांतिकारियों की स्मृतियों में कार्यक्रम आयोजित कर नमन करती रहेगी। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद औरैया के ईओ संजय कुमार, भारत प्रेरणा मंच के अजय शुक्ल अंजाम, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धर्मेश दुबे, कपिल गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर कैप्टन जगपाल सिंह भदौरिया, केके चतुर्वेदी, अनिल चौबे, सरनाम सिंह कुशवाह, विनोद मिश्रा, सज्जन दीक्षित, बिंदू शुक्ला, ज्ञान सक्सेना, सलिल सोनी आदि रहे।
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औरैया। भारत प्रेरणा मंच के तत्वावधान में जंग-ए-आजादी के नायक पं. गेंदालाल दीक्षित की 97वीं पुण्यतिथि मनाई गई। पं. गेंदालाल दीक्षित चौराहा में स्थापित उनकी प्रतिमा पर समाजसेवी लाल जी शुक्ला ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके सपने को साकार करने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा में भारत प्रेरणा मंच के महासचिव अविनाश अग्निहोत्री ने बताया कि पं. गेंदालाल दीक्षित का जन्म 30 नवंबर 1888 को आगरा के वाह तहसील के मई गांव में हुआ था। उन्होंने औरैया के तत्कालीन झनी विद्यालय वर्तमान में तिलक इंटर कालेज औरैया में शिक्षक के रूप में कार्य किया था। सन् 1916 में देश को विदेशी दास्तां से मुक्त कराने के लिए औरैया की धरती पर मातृवेदी संस्था का गठन कर अंग्रेजों के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया। उनके दल ने उत्तर प्रदेश के हस्तखांत थाने पर हमलाकर 21 अंग्रेज सिपाहियों को मौत के घाट उतार दिया।
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आखिरकार अंग्रेजों ने उनको जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिये पांच लाख इनाम घोषित किया। शहीद ए आजम भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, भारतवीर मुकुंदीलाल गुप्त, अशफाक उल्ला खां सहित सभी क्रांतिकारियों ने इनको अपना गुुरु मानते हुए द्रोणाचार्य की उपाधि दी थी। देश की आजादी के लिए आंदोलन को दिल्ली में सक्रिय करने के लिये छद्म वेश में कार्य करते हुये 21 दिसंबर 1920 को दिल्ली के एक अस्पताल में गंभीर बीमारी से इनका स्वर्गवास हो गया।
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समाजसेवी लालजी शुक्ल ने कहा कि नगर पालिका परिषद औरैया सदैव शहीदों और क्रांतिकारियों की स्मृतियों में कार्यक्रम आयोजित कर नमन करती रहेगी। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद औरैया के ईओ संजय कुमार, भारत प्रेरणा मंच के अजय शुक्ल अंजाम, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धर्मेश दुबे, कपिल गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर कैप्टन जगपाल सिंह भदौरिया, केके चतुर्वेदी, अनिल चौबे, सरनाम सिंह कुशवाह, विनोद मिश्रा, सज्जन दीक्षित, बिंदू शुक्ला, ज्ञान सक्सेना, सलिल सोनी आदि रहे।