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सूफियाना कलामों पर जमकर झूमे श्रोता
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:21 AM IST
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उरई। स्टेशन रोड स्थित बेरी वाले बाबा का 78 वां दो रोजा उर्स मुबारक बड़ी अकीदत के साथ संपन्न हुआ। जिसमें हजारों जायरीनों ने खिराजे अकीदत पेश की। फनकारों ने सूफियाना कलाम पर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। पसंदीदा कलामों को सुनकर सुबह तक श्रोता डटे रहे। कुल की फातिहा के दौरान लोगों की आंखों में आंसू छलक आए।
प्रसिद्ध सूफी बेरी वाले बाबा के दो रोजा उर्स के मौके पर न केवल जिले से बल्कि अन्य जिलों के लोगों ने अपनी अकीदत का नजराना पेश किया। लोगों ने दरगाह शरीफ पर पहुंचकर फातिहा ख्वानी कर अमन चैन व कामयाबी की दुआ की। उर्स के आखिरी दिन कुल की फातिहा के दौरान लोग अपने जज्बातों पर काबू नही कर पाए और बाबा की याद में उनकी आंखों से आंसू निकल आए।
उन्होंने बाबा की शान में बुलंद आवाज में नारे लगाए। तिलावते कुरान के बाद कव्वाली मुकाबले का आगाज हुआ। जिसमें मुंबई से आए कव्वाल अजीम नाजा ने अपने शुरुआती कलाम में पढ़ा-गरीबी में भी उनके घर कोई फांका नहीं होता, खुदा से मांगने वाला कभी रुसबा नहीं होता।
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इसके बाद उन्होंने अपनी नात में कहा-खुदा का घर नबी की जाली ये नूर वाला ये नूर वाली, सुनते ही लोग झूमने लगे। जवाबी मुकाबले में अनीस नवाब मुंबई ने सुनाया-जिसने दरूद पाक को लव पर सजा लिया, उसको रसूल ए पाक ने अपना बना लिया। दोनों ही फनकारों ने नब्ज टटोलकर दिल को छू लेने वाले कलाम पेश किए।
कार्यक्रम का संचालन पप्पू थापा ने किया। उर्स के चीफ कंट्रोलर हाफिज अब्दुल जब्बार, अध्यक्ष अनुभव चतुर्वेदी ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान सज्जन भाई, विजय चौधरी, टिंकू, ब्रजेश मिश्रा, अलीम अहमद, जुबैर, फिरोज, अब्दुल रब, सज्जन ठेकेदार, रिजवान, मौलाना इमरान, रियाज खां, अयान आदि मौजूद रहे।
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प्रसिद्ध सूफी बेरी वाले बाबा के दो रोजा उर्स के मौके पर न केवल जिले से बल्कि अन्य जिलों के लोगों ने अपनी अकीदत का नजराना पेश किया। लोगों ने दरगाह शरीफ पर पहुंचकर फातिहा ख्वानी कर अमन चैन व कामयाबी की दुआ की। उर्स के आखिरी दिन कुल की फातिहा के दौरान लोग अपने जज्बातों पर काबू नही कर पाए और बाबा की याद में उनकी आंखों से आंसू निकल आए।
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उन्होंने बाबा की शान में बुलंद आवाज में नारे लगाए। तिलावते कुरान के बाद कव्वाली मुकाबले का आगाज हुआ। जिसमें मुंबई से आए कव्वाल अजीम नाजा ने अपने शुरुआती कलाम में पढ़ा-गरीबी में भी उनके घर कोई फांका नहीं होता, खुदा से मांगने वाला कभी रुसबा नहीं होता।
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इसके बाद उन्होंने अपनी नात में कहा-खुदा का घर नबी की जाली ये नूर वाला ये नूर वाली, सुनते ही लोग झूमने लगे। जवाबी मुकाबले में अनीस नवाब मुंबई ने सुनाया-जिसने दरूद पाक को लव पर सजा लिया, उसको रसूल ए पाक ने अपना बना लिया। दोनों ही फनकारों ने नब्ज टटोलकर दिल को छू लेने वाले कलाम पेश किए।
कार्यक्रम का संचालन पप्पू थापा ने किया। उर्स के चीफ कंट्रोलर हाफिज अब्दुल जब्बार, अध्यक्ष अनुभव चतुर्वेदी ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान सज्जन भाई, विजय चौधरी, टिंकू, ब्रजेश मिश्रा, अलीम अहमद, जुबैर, फिरोज, अब्दुल रब, सज्जन ठेकेदार, रिजवान, मौलाना इमरान, रियाज खां, अयान आदि मौजूद रहे।