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औषधि विक्रेताओं की बंदी का दिखा असर, बंद रहे मेडिकल स्टोर
Updated Fri, 28 Sep 2018 11:48 PM IST
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उरई। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के एक दिवसीय भारत बंद का जिले में खासा असर रहा। दवा व्यापार में ई-फार्मेसी के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से जारी ड्राफ्ट के विरोध में जिले भर के मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। इसके बाद जुलूस निकाल कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करने के डीएम को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया। मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीज व तीमारदार दवा के लिए भटकते रहे। औषधि विक्रेता परिषद के अध्यक्ष शशिकांत निगोतिया के अनुसार जिले में बंदी से करीब पांच से आठ लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसमें शहर का ही मुख्य बाजार माना जाता है जिसमें रोजाना ढाई से तीन लाख तक की दवाएं प्रतिदिन बेची जाती हैं।
बता दे कि दवा व्यापारी ई-फार्मेसी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना, व्यापारियों के उत्पीड़न व ई-फार्मेसी में की विसंगति के विरोध में लामबंद हैं। औषधि विक्रेता परिषद के केंद्रीय नेतृत्व ने व्यापारियों की मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी बंद का आह्वान किया था। इस बंदी को लेकर जिले के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे।
इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और व दवा के लिए भटकते नजर आए। शहर के दवा विक्रेताओं ने शहीद भगत सिंह चौराहे से लेकर कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाल कर सरकार की दवा नीतियों का विरोध किया। फिर कलक्ट्रेट पहुंच कर दवा व्यापारियों ने धरना प्रदर्शन किया।
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सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष शशिकांत निगोतिया ने कहा कि शासन दवा विक्रेताओं पर बिना तैयारी के जबरन ई-फार्मेसी व्यवस्था लागू कर रही है। जबकि ई-फार्मेसी व्यवस्था में तमाम विसंगति हैं। उन्होंने सवाल कर कहा कि ऑनलाइन दवा व्यापार से आपातकालीन स्थिति में उपभोक्ताओं को समय पर दवाओं की उपलब्धता संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से केमिस्ट संगठन अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक शासन स्तर से किसी ने भी सुध नहीं ली। इसलिए मजबूरन दवा विक्रेताओं को आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। धरने के बाद दवा व्यापारियों ने जिलाधिकारी मन्नान अख्तर को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट लल्लन राम को दिया। इस दौरान महेश चंद्र गुप्ता, बृजेश कुमार पुरवार, मुकेश गुप्ता, संजय यादव, संतोष कुमार, शिव कुमार, महादेव, राकेश चन्द्र गुप्ता, लालजी पुरवार, रतन दीप, राम कुमार, देवेन्द्र सेठ, राजेश गुप्ता, राहुल पुरवार आदि उपस्थित रहेे।
- दवा विक्रेताओं ने शहीद भगत सिंह चौराहे से निकाला जुलूस, ई-फार्मेसी व दवा नीतियों के विरोध में की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
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बता दे कि दवा व्यापारी ई-फार्मेसी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना, व्यापारियों के उत्पीड़न व ई-फार्मेसी में की विसंगति के विरोध में लामबंद हैं। औषधि विक्रेता परिषद के केंद्रीय नेतृत्व ने व्यापारियों की मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी बंद का आह्वान किया था। इस बंदी को लेकर जिले के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे।
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इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और व दवा के लिए भटकते नजर आए। शहर के दवा विक्रेताओं ने शहीद भगत सिंह चौराहे से लेकर कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाल कर सरकार की दवा नीतियों का विरोध किया। फिर कलक्ट्रेट पहुंच कर दवा व्यापारियों ने धरना प्रदर्शन किया।
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सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष शशिकांत निगोतिया ने कहा कि शासन दवा विक्रेताओं पर बिना तैयारी के जबरन ई-फार्मेसी व्यवस्था लागू कर रही है। जबकि ई-फार्मेसी व्यवस्था में तमाम विसंगति हैं। उन्होंने सवाल कर कहा कि ऑनलाइन दवा व्यापार से आपातकालीन स्थिति में उपभोक्ताओं को समय पर दवाओं की उपलब्धता संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से केमिस्ट संगठन अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक शासन स्तर से किसी ने भी सुध नहीं ली। इसलिए मजबूरन दवा विक्रेताओं को आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। धरने के बाद दवा व्यापारियों ने जिलाधिकारी मन्नान अख्तर को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट लल्लन राम को दिया। इस दौरान महेश चंद्र गुप्ता, बृजेश कुमार पुरवार, मुकेश गुप्ता, संजय यादव, संतोष कुमार, शिव कुमार, महादेव, राकेश चन्द्र गुप्ता, लालजी पुरवार, रतन दीप, राम कुमार, देवेन्द्र सेठ, राजेश गुप्ता, राहुल पुरवार आदि उपस्थित रहेे।
- दवा विक्रेताओं ने शहीद भगत सिंह चौराहे से निकाला जुलूस, ई-फार्मेसी व दवा नीतियों के विरोध में की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो