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Auraiya News: 16 साल की मेहनत से बंजर जमीं पर लगा दिया बाग
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फोटो-30- पौधे में पानी डालते विश्वनाथ महाराज। संवाद
- फोटो : सीलिंग के विरोध में मुख्यालय पर प्रदर्शन करके ज्ञापन सौंपते व्यापार मंडल के पदाधिकारी। स्रोत स्वंय
सहायल (औरैया)। औरैया के जवाहर नवोदय विद्यालय तैयापुर से सटी तीन बीघा बंजर जमीन को संन्यासी विश्वनाथ महाराज ने हरा-भरा बाग बना दिया है। उन्होंने 16 साल की कड़ी मेहनत से यह कार्य किया। 72 वर्षीय विश्वनाथ महाराज ने अपने कर्म और प्रकृति प्रेम से दूसरों को प्रेरित किया है।
गांव मानधाता पूर्वा निवासी विश्वनाथ महाराज मैट्रिक पास हैं। करीब 16 साल पहले उनका गृहस्थ जीवन से मोह भंग हो गया था। इसके बाद उन्होंने बच्चों को पत्नी के हवाले कर गांव के बाहर कुटिया बनाई। तब से वह बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने में जुटे हैं। ग्राम पंचायत और तहसील प्रशासन ने उन्हें ट्री पट्टा दिया। उन्होंने कंकड़ व पत्थर की तीन परतें हटाकर जमीन का समतलीकरण किया। इसमें जैविक खाद का भरपूर इस्तेमाल किया।
विश्वनाथ महाराज ने अब तक करीब 50 प्रजातियों के पौधे रोपे हैं। ये पौधे अब बड़े होकर सुंदर बाग का रूप ले चुके हैं। यहां बालाजी महाराज का एक मंदिर भी है। मंदिर में 24 घंटे ज्योति जलती रहती है। वह एक सरकारी हैंडपंप के सहारे रोज पेड़ों की सिंचाई करते हैं। इस कार्य में उन्हें कई घंटे लगते हैं।
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गांव मानधाता पूर्वा निवासी विश्वनाथ महाराज मैट्रिक पास हैं। करीब 16 साल पहले उनका गृहस्थ जीवन से मोह भंग हो गया था। इसके बाद उन्होंने बच्चों को पत्नी के हवाले कर गांव के बाहर कुटिया बनाई। तब से वह बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने में जुटे हैं। ग्राम पंचायत और तहसील प्रशासन ने उन्हें ट्री पट्टा दिया। उन्होंने कंकड़ व पत्थर की तीन परतें हटाकर जमीन का समतलीकरण किया। इसमें जैविक खाद का भरपूर इस्तेमाल किया।
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विश्वनाथ महाराज ने अब तक करीब 50 प्रजातियों के पौधे रोपे हैं। ये पौधे अब बड़े होकर सुंदर बाग का रूप ले चुके हैं। यहां बालाजी महाराज का एक मंदिर भी है। मंदिर में 24 घंटे ज्योति जलती रहती है। वह एक सरकारी हैंडपंप के सहारे रोज पेड़ों की सिंचाई करते हैं। इस कार्य में उन्हें कई घंटे लगते हैं।
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